सन्दर्भ:
: हाल ही में, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत एक वैज्ञानिक संस्था, C-DAC हैदराबाद और रिलायंस फाउंडेशन ने e-SafeHER पहल की शुरुआत की घोषणा की।
e-SafeHER पहल के बारे में:
- यह एक साइबर-सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य पूरे ग्रामीण भारत में दस लाख महिलाओं को सक्षम बनाना है।
- इसका लक्ष्य अंतिम छोर तक साइबर-सुरक्षा जागरूकता को मज़बूत करना है, विशेष रूप से ग्रामीण भारत की उन महिलाओं के बीच, जो वित्तीय लेन-देन, आजीविका और ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।
- यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) के सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (ISEA) कार्यक्रम के तहत, C-DAC हैदराबाद के माध्यम से संचालित की जा रही है।
- लक्ष्य और अवधि: अगले तीन वर्षों में ग्रामीण भारत में दस लाख ‘साइबर सखियों’ को सशक्त बनाना।
- कार्यान्वयन रणनीति:
- C-DAC, ISEA परियोजना के तहत साइबर-सुरक्षा प्रशिक्षण सामग्री के विकास, स्थानीयकरण और निरंतर सुधार का नेतृत्व करेगा।
- रिलायंस फ़ाउंडेशन, ग्रामीण भारत में अपनी व्यापक ज़मीनी पहुँच और महिला सशक्तिकरण मंचों का लाभ उठाते हुए, एक ‘पीयर-लेड’ (साथियों द्वारा संचालित) और समुदाय-आधारित मॉडल के माध्यम से इस कार्यक्रम को लागू करेगा।
- इस पहल की शुरुआत सबसे पहले मध्य प्रदेश और ओडिशा में की जाएगी, और फिर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा।
सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के बारें में:
- यह भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है।
- इसकी शुरुआत 2005 में हुई थी और अक्टूबर 2023 से यह अपने तीसरे चरण में है।
- उद्देश्य: सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन तैयार करना और आम लोगों के बीच साइबर स्वच्छता/साइबर सुरक्षा के बारे में सामान्य जागरूकता पैदा करना।
- इसका लक्ष्य– सुरक्षित, विश्वसनीय और संरक्षित साइबर स्पेस के लिए मानव संसाधन विकास करना है।
