सन्दर्भ:
: कपड़ा मंत्रालय, भारत की हथकरघा विरासत में महिला बुनकरों के योगदान का जश्न मनाने के लिए नई दिल्ली में ‘सृजन: वॉयस फ्रॉम द लूम’ (Srijan: Voices from the Loom) का आयोजन कर रहा है।
सृजन: वॉयस फ्रॉम द लूम के बारें में:
- सृजन: वॉयस फ्रॉम द लूम एक विशेष कार्यक्रम है जो भारत के हथकरघा क्षेत्र में कार्यरत महिला बुनकरों की कहानियों, कौशल और योगदान को मान्यता देता है।
- यह महिला कारीगरों को लचीलेपन, रचनात्मकता और पारंपरिक बुनाई प्रथाओं के संरक्षण के अपने अनुभवों को बताने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
- आयोजक: कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार
- उद्देश्य: महिला बुनकरों की आवाज़ को पहचानना और बढ़ाना, भारत की बुनाई परंपराओं को संरक्षित करने में उनकी भूमिका का जश्न मनाना और देश की हथकरघा विरासत में उनके योगदान को उजागर करना।
- मुख्य विशेषताएं:
- महिला बुनकरों की भागीदारी: छह हैंडलूम क्लस्टर की 100 से ज़्यादा महिला बुनकरों को एक साथ लाता है।
- निजी अनुभव: बुनकरों को अपनी निजी यात्रा, चुनौतियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए एक मंच देता है।
- हिम्मत और जज़्बे का जश्न: यह दिखाता है कि कैसे महिला कारीगर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी आजीविका चलाती हैं।
- बुनकरी की परंपराओं को बचाना: पीढ़ियों तक पारंपरिक हैंडलूम कौशल और ज्ञान को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका को मान्यता देता है।
- संकलन का विमोचन: इसमें भाग लेने वाली महिला बुनकरों की कहानियों, यात्राओं और आवाज़ों को दर्ज करने वाले एक संकलन का विमोचन शामिल है।
- इसका महत्व:
- महिला सशक्तिकरण: महिला कारीगरों और उनके आर्थिक व सांस्कृतिक योगदान की पहचान और दृश्यता को बढ़ाता है।
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: इसके कारीगरों को पहचान देकर भारत की पारंपरिक बुनाई कला और हथकरघा विरासत को बढ़ावा देता है।
