सन्दर्भ:
: भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना का विस्फोटक सामग्री निपटान अभ्यास 2026 (EOD अभ्यास 2026), इस महीने की 14 तारीख तक कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित किया जाएगा।
EOD अभ्यास 2026 के बारें में:
- यह भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच होने वाला (𝗜𝗡–𝗨𝗦𝗡 𝗘𝗢𝗗 𝗘𝘅 2026) एक द्विपक्षीय अभ्यास है।
- इसका उद्देश्य: दोनों नौसेनाओं की स्पेशलिस्ट डाइविंग और EOD टीमों के बीच आपसी तालमेल (interoperability) को बेहतर बनाना और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना है।
- यह अभ्यास 2005 से दोनों देशों द्वारा किया जा रहा है।
- आने वाला अभ्यास इस खास द्विपक्षीय ट्रेनिंग एक्सरसाइज का आठवां संस्करण होगा।
- विशेषताएं:
- इसमें सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (SMEEs), क्रॉस-ट्रेनिंग, इक्विपमेंट का प्रदर्शन और सिनेरियो-बेस्ड प्रैक्टिकल एक्सरसाइज शामिल होंगी।
- यह प्रोग्राम आधुनिक EOD तरीकों, नई टेक्नोलॉजी और बेस्ट प्रैक्टिसेज के आदान-प्रदान में मदद करेगा।
- इसे मिलकर सीखने और ऑपरेशनल तालमेल को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि दोनों नौसेनाओं के जवान प्रक्रियाओं को बेहतर बना सकें, आपसी समझ बढ़ा सकें और जटिल व बदलते EOD खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने की अपनी क्षमता को मजबूत कर सकें।
- महत्व: यह खास समुद्री ऑपरेशन्स में आपसी तालमेल बढ़ाने, ऑपरेशनल जानकारी साझा करने और सहयोग को मजबूत करने के प्रति दोनों नौसेनाओं की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है।
