सन्दर्भ:
: हाल ही में, विकासशील देशों ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की 2026 की वसंतकालीन बैठकों में पहली बार ‘उधारकर्ताओं का मंच’ (Borrowers’ Platform) लॉन्च किया है।
उधारकर्ताओं के मंच के बारे में:
- यह एक खास जगह है जो उधार लेने वाले विकासशील देशों को एक साथ आने, जानकारी साझा करने, अनुभवों का आदान-प्रदान करने और कर्ज़ से जुड़े मुद्दों पर मिलकर अपनी बात रखने में मदद करती है।
- यह विकासशील देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को एक साथ लाता है, ताकि कर्ज़ प्रबंधन की क्षमता को मज़बूत किया जा सके, तालमेल बढ़ाया जा सके और वैश्विक कर्ज़ चर्चाओं में उनकी सामूहिक आवाज़ को और बुलंद किया जा सके।
- इसका संचालन इसमें शामिल देशों के वित्त मंत्रियों द्वारा किया जाएगा, कर्ज़ से जुड़े मामलों के लिए ज़िम्मेदार तकनीकी अधिकारी उन्हें इसमें सहयोग देंगे।
- यह सामूहिक कर्ज़ पुनर्गठन के लिए कोई मंच नहीं है।
- सदस्य: इसमें भारत सहित कुल 30 सदस्य हैं, इसके कार्य समूह की अध्यक्षता मिस्र करता है।
- सचिवालय: संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) इसके सचिवालय के तौर पर इसे सहयोग प्रदान करता है।
- महत्व: चूंकि 2024 में विकासशील देशों पर बाहरी कर्ज़ का बोझ बढ़कर 11.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, इसलिए यह मंच इस कर्ज़ के बोझ से निपटने में मददगार साबित होगा।
