
सन्दर्भ-राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार,भारत में पिछले चार वर्षों में देश में साइबर अपराध चार गुना या 306 प्रतिशत बढ़े हैं।
प्रमुख तथ्य-2016 में साइबर अपराध के 12,317 मामले दर्ज किए गए और 2020 में यह संख्या बढ़कर 50,035 हो गई,इसका तात्पर्य है कि हर दिन 136 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए।
:भारत की साइबर अपराध दर,या प्रति एक लाख जनसंख्या पर साइबर अपराधों की संख्या में भी चार वर्षों में 270 प्रतिशत की वृद्धि हुई – 2016 में यह 1 थी और 2020 में यह बढ़कर 3.7 हो गई।
:एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चला है कि प्रत्येक वर्ष के अंत में औसतन 65.81 प्रतिशत मामलों की जांच लंबित थी।
:ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पिछले वर्षों के ऐसे मामले जिन्हें जांच के लिए नहीं लिया गया है,अगले वर्ष ओवरफ्लो हो जाते हैं।
:किसी विशेष वर्ष में जांच के लिए उठाए गए औसतन 45.57 प्रतिशत मामले ऐसे थे जो पिछले वर्ष से ही लंबित थे।
:2016 में, 24,187 साइबर अपराध के मामले जांच के लिए थे और इनमें से,11,870 मामले 2015 से थे,14,973 अभी भी वर्ष के अंत में जांच लंबित थे और 9,213 पुलिस द्वारा निपटाए गए थे।
:2020 में,जांच के लिए मामले बढ़कर 103,000 हो गए,और इनमें से आधे या 51.1 प्रतिशत (53,157) पिछले वर्ष के थे,71.29 प्रतिशत या 74,142 वर्ष के अंत में अभी भी लंबित थे।