सन्दर्भ:
: भारत सरकार ने दिल्ली-NCR क्षेत्र के PM विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों को दिल्ली के लाल किले में होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखने के लिए ‘विशेष अतिथि’ के तौर पर आमंत्रित किया है।
PM विश्वकर्मा योजना के बारे में:
- यह 2023 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
- इसका लक्ष्य पारंपरिक कामों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को पूरी मदद देना है।
- उद्देश्य: कारीगरों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, पारंपरिक शिल्प को मजबूत करना और टिकाऊ आजीविका सुनिश्चित करना।
- यह योजना कौशल विकास, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता, डिजिटल सुविधा और बाजार से जोड़ने के माध्यम से मदद देती है।
- नोडल मंत्रालय: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय।
- समय-सीमा: पांच साल (वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2027-28 तक)।
- योग्यता और कवरेज:
- यह पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी कारीगरों और शिल्पकारों के लिए उपलब्ध है।
- इसमें 18 पारंपरिक शिल्प शामिल हैं जैसे नाव बनाने वाले; हथियार बनाने वाले; लोहार; हथौड़ा और टूल किट बनाने वाले; आदि।
- उम्र 18+ हो, पारंपरिक काम में लगे हों, और पिछले 5 वर्षों में ऐसा कोई लोन न लिया हो।
- PM विश्वकर्मा योजना की मुख्य विशेषताएं:
- मान्यता: PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और ID कार्ड के माध्यम से कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान देना।
- कौशल विकास: 5-7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस्ड ट्रेनिंग, जिसमें 500 रुपये प्रति दिन का स्टाइपेंड मिलता है;
- टूलकिट प्रोत्साहन: बेसिक स्किल ट्रेनिंग की शुरुआत में ई-वाउचर के रूप में 15,000 रुपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन।
- क्रेडिट सहायता: 5% की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपये और 2 लाख रुपये की दो किस्तों में 3 लाख रुपये तक का बिना गारंटी (कोलेटरल-फ्री) वाला ‘एंटरप्राइज डेवलपमेंट लोन’।
