सन्दर्भ:
: हाल ही में, दशकों बाद मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में ‘कराकल’ देखा गया है, जिसे अक्सर “फ्लाइंग कैट” (उड़ने वाली बिल्ली) कहा जाता है।
कूनो नेशनल पार्क के बारे में:
- यह मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले में स्थित है।
- इसका नाम टेढ़ी-मेढ़ी बहने वाली कूनो नदी (चंबल नदी की मुख्य सहायक नदियों में से एक) के नाम पर पड़ा है; यह नदी दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है और पार्क को दो हिस्सों में बांटती है।
- यह विंध्य पहाड़ियों के पास बसा है।
- शुरू में 1981 में इसे कूनो वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी के तौर पर स्थापित किया गया था, और 2018 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया।
- इलाका: पार्क के इलाके में पठार, घाटियां और मौसमी नदियां हैं, जिससे अलग-अलग तरह के इकोसिस्टम बनते हैं।
- वनस्पति: पार्क में कई तरह की वनस्पतियां हैं, जिनमें ट्रॉपिकल ड्राई डेसिडियस फ़ॉरेस्ट (सूखे पतझड़ वाले जंगल), सवाना घास के मैदान और नदी के किनारे वाले जंगल शामिल हैं।
- पेड़-पौधे: यहां पाए जाने वाले मुख्य पेड़ों में खैर (अकेसिया कैटेचू), सलाई (बॉसवेलिया सेराटा) और बेर (ज़िज़िफ़स मॉरिटियाना) शामिल हैं।
- जीव-जंतु:
- जंगल के संरक्षित इलाके में जंगल बिल्ली, भारतीय तेंदुआ, स्लॉथ बियर, भारतीय भेड़िया, धारीदार लकड़बग्घा, सुनहरा सियार, बंगाल लोमड़ी और ढोल (जंगली कुत्ता) के साथ-साथ कई तरह के पक्षी भी पाए जाते हैं।
- इसे ‘भारत में चीता लाने के लिए एक्शन प्लान’ के तहत चुना गया था।
