सन्दर्भ:
: हाल ही में, डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीज़न (DIBD) ने नेपाल की काठमांडू यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (DPI-AI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीज़न के बारे में:
- यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) का हिस्सा है।
- यह AI-आधारित बहुभाषी डिजिटल समावेश और भाषा तकनीक के लिए भारत की राष्ट्रीय पहल है।
- नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी (NHLT) के माध्यम से, भाषिणी गवर्नेंस, सार्वजनिक प्लेटफॉर्म और संस्थानों के लिए भारतीय भाषाओं में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली स्पीच और टेक्स्ट-आधारित AI सेवाएं उपलब्ध कराती है।
- DIBD ओपन-सोर्स इनोवेशन, बहुभाषी AI रिसर्च, डेटासेट बनाने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और एकेडमिक सहयोग को भी आगे बढ़ाती है, जिससे भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम मजबूत होता है।
- भाषिणी प्लेटफॉर्म सार्वजनिक डोमेन में MSME, स्टार्टअप और व्यक्तिगत इनोवेटर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) संसाधन उपलब्ध करा रहा है।
- यह प्लेटफॉर्म 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सपोर्ट करता है, रोज़ाना 15 मिलियन से अधिक इन्फेरेंस (अनुमान/प्रोसेसिंग) को प्रोसेस करता है, और 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।
