सन्दर्भ:
: हाल ही में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने नई दिल्ली में इंडियनऑयल के एक रिटेल आउटलेट पर E85 फ्यूल लॉन्च किया।
E85 फ़्यूल के बारे में:
- यह ज़्यादा इथेनॉल वाला मिला-जुला फ़्यूल है जिसमें 80–85 प्रतिशत इथेनॉल और 14–19 प्रतिशत पेट्रोल होता है।
- इसे खास तौर पर फ़्लेक्स-फ़्यूल गाड़ियों में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।
- इस पहल का उद्देश्य फ़्लेक्स-फ़्यूल गाड़ियों (FFVs) को अपनाने को बढ़ावा देना है।
- ये गाड़ियां E20 से लेकर E100 तक के इथेनॉल मिश्रण पर चल सकती हैं, जिससे ग्राहकों को किसी एक ही मिश्रण तक सीमित नहीं रहना पड़ता।
- E85 फ़्यूल के फ़ायदे:
- कम कीमत: E85 की कीमत आम पेट्रोल से कम रखी गई है ताकि देश में बने इथेनॉल का आर्थिक फ़ायदा ग्राहकों तक पहुँच सके।
- लाइफ़साइकल ग्रीनहाउस गैस में कमी: E85 पर चलने वाली फ़्लेक्स-फ़्यूल गाड़ियाँ, आम पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में लाइफ़साइकल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को लगभग 61 प्रतिशत तक कम कर सकती हैं।
- नॉक रेजिस्टेंस: लगभग 108 के रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) के साथ, इथेनॉल बेहतर नॉक रेजिस्टेंस देता है, जिससे इंजन ज़्यादा कम्प्रेशन रेश्यो और ऑप्टिमाइज़्ड इग्निशन टाइमिंग पर काम कर पाते हैं।
- साफ़ कंबशन: ज़्यादा इथेनॉल वाले मिश्रण साफ़ और ज़्यादा पूरी तरह से कंबशन (जलन) को बढ़ावा देते हैं, जिससे पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन लगभग शून्य हो जाता है और शहरों की हवा की गुणवत्ता बेहतर होती है।
