सन्दर्भ:
: हाल ही में, लोकसभा अध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण समिति (Committee on Empowerment of Women) का गठन किया है।
महिला सशक्तिकरण समिति के बारे में:
- इसका गठन पहली बार 29 अप्रैल, 1997 को 11वीं लोकसभा के दौरान किया गया था।
- संरचना: इसमें 30 सदस्य होते हैं;
- 20 सदस्य लोकसभा के सदस्यों में से स्पीकर द्वारा नामित किए जाते हैं।
- 10 सदस्य राज्यसभा के सदस्यों में से राज्यसभा के सभापति द्वारा नामित किए जाते हैं।
- कार्यकाल: समिति का कार्यकाल एक वर्ष से अधिक नहीं होता है और इसका हर साल पुनर्गठन किया जाता है।
- कार्यप्रणाली: समिति के सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी पार्टीगत संबद्धताओं से ऊपर उठकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिलकर काम करें।
- समिति के कार्य:
- राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों पर विचार करना और उन उपायों पर रिपोर्ट देना जो केंद्र सरकार को महिलाओं की स्थिति/दशाओं में सुधार के लिए उठाने चाहिए।
- महिलाओं को सभी मामलों में समानता, दर्जा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए उपायों की जांच करना।
- व्यापक शिक्षा और विधायी निकायों/सेवाओं तथा अन्य क्षेत्रों में महिलाओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए उपायों की जांच करना।
- महिलाओं के लिए चलाए जा रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली पर रिपोर्ट देना।
- समिति द्वारा प्रस्तावित उपायों पर केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों द्वारा की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट देना।
- ऐसे अन्य मामलों की जांच करना जिन्हें समिति उचित समझे, या जिन्हें सदन अथवा स्पीकर, तथा राज्यसभा अथवा राज्यसभा के सभापति द्वारा विशेष रूप से समिति को सौंपा गया हो।
