सन्दर्भ:
: हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2025 के बाद मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।
PMGSY-III के बारें में:
- यह भारत सरकार का एक प्रमुख ग्रामीण विकास कार्यक्रम है, जिसे वर्ष 2000 में शुरू किया गया था।
- उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में, निर्धारित जनसंख्या आकार वाली उन पात्र बस्तियों को, जो अभी तक सड़क संपर्क से वंचित हैं, एक ही बारहमासी सड़क के माध्यम से हर मौसम में उपयोग योग्य सड़क संपर्क प्रदान करना।
- PMGSY योजना के लिए पात्रता मानदंड:
- PMGSY योजना के तहत पात्रता मानदंड मुख्य रूप से जनसंख्या के आकार और सड़क संपर्क की स्थिति पर आधारित थे।
- मैदानी क्षेत्रों में, 500 या उससे अधिक की जनसंख्या वाली बस्तियाँ पात्र थीं, बशर्ते कि वे सड़क संपर्क से वंचित हों।
- पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और हिमालयी केंद्र शासित प्रदेशों के क्षेत्रों के लिए, 2001 की जनगणना के अनुसार, यह सीमा घटाकर 250 या उससे अधिक की जनसंख्या कर दी गई थी।
- इसका कार्यान्वयन निम्नलिखित एजेंसियों द्वारा किया जाता है:
- राज्य सरकारें / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए ‘कार्यकारी एजेंसियों’ (Executing Agencies) को नामित करेंगे।
- जिला स्तर पर, इस कार्यक्रम की योजना, समन्वय और कार्यान्वयन ‘कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाइयों’ (PIUs) के माध्यम से किया जाएगा।
- PIUs में सक्षम तकनीकी कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
- राज्य सरकारें ‘जिला ग्रामीण विकास एजेंसियों‘ (DRDAs) के साथ उचित समन्वय स्थापित करेंगी।
- निधियाँ (Funds) DRDAs को जारी की जाएँगी।
- नोडल मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय
