प्रधानमंत्री ने “मिट्टी बचाओ”कार्यक्रम को संबोधित किया

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PRADHANMANTRI NE KIYA MITTI BACHAON ANDOLAN KO SAMBODHIT-SAVE THE SOIL
प्रधानमंत्री ने “मिट्टी बचाओ’ कार्यक्रम को संबोधित किया
Photo:Twitter

सन्दर्भ-प्रधानमंत्री ने ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘मिट्टी बचाओ (Save The Soil)’ कार्यक्रम को संबोधित किया।
प्रमुख तथ्य-प्रधानमंत्री विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ पर एक कार्यक्रम में भाग लिया।
:मिट्टी बचाओ आंदोलन’ बिगड़ती मिट्टी के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसे सुधारने के लिए जागरूक पहल शुरू करने के लिए एक वैश्विक आंदोलन है।
:पर्यावरण रक्षा के लिए बहुआयामी प्रयास भारत तब कर रहा है जब क्लाइमेट चेंज में भारत की भूमिका न के बराबर है”रहे हैं।
:भारत द्वारा बहुआयामी प्रयासों के उदाहरण के रूप में स्वच्छ भारत मिशन या कचरे से कंचन संबंधी कार्यक्रम,सिंगल यूज प्लास्टिक में कमी,एक सूर्य एक पृथ्वी या इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम को देखा जा सकता है।
:भारत में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 0.5 टन की तुलना में दुनिया का औसत कार्बन फुटप्रिंट लगभग 4 टन प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है।
:प्रधानमंत्री ने 2070 तक भारत के नेट-जीरो के लक्ष्य को दोहराया।
:प्रधानमंत्री के अनुसार मिट्टी को बचाने के लिए हमने पांच प्रमुख बातों पर फोकस किया है-
पहला- मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं।
दूसरा- मिट्टी में जो जीव रहते हैं, जिन्हें तकनीकी भाषा में सॉइल ऑर्गेनिक मैटर कहते हैं, उन्हें कैसे बचाएं।
तीसरा- मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें, उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं।
चौथा- भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है,उसे कैसे दूर करें।
पांचवां-वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें।
:मिट्टी की समस्या को दूर करने के लिए देश में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया गया।
:सरकार कैच द रेन जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण से देश के जन-जन को जोड़ रही है।
:इस साल मार्च में ही देश में 13 बड़ी नदियों के संरक्षण का अभियान भी शुरू हुआ है।
:भारत बायोडायवर्सिटी और वाइल्डलाइफ से जुड़ी नीतियों पर चलते हुए,वन्य-जीवों की संख्या में भी रिकॉर्ड वृद्धि की है।
:गंगा के किनारे बसे गांवों में नैचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहित किया जाएगा साथ ही नैचुरल फॉर्मिंग का एक विशाल कॉरिडोर बनाया जाएगा।
:भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को दुरुस्त करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
:भारत ने अपनी स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म आधारित स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य तय किया था,जिसे तय समय से 9 साल पहले ही हासिल कर लिया गया है।
:भारत ने तय समय से 5 महीने पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है।
:पीएम राष्ट्रीय गतिशक्ति मास्टर प्लान के कारण लॉजिस्टिक सिस्टम और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा और इससे प्रदूषण में कमी आएगी।


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