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आशा पारेख
आशा पारेख

सन्दर्भ:

: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज घोषणा की है कि वर्ष 2020 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख को दिया जाएगा।

 आशा पारेख के बारें में:

: आशा पारेख एक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री, निर्देशक, निर्माता और एक कुशल भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना हैं।
: इनका जन्म 2 October 1942 को मुंबई में हुआ था।
: कम उम्र में ही भारतीय शास्त्रीय नृत्य कक्षाओं में दाखिला दिलाया गया और उन्होंने पंडित बंसीलाल भारती सहित कई शिक्षकों से शिक्षा ग्रहण की।
: आशा जी ने फिल्मों में शुरुआत एक बाल कलाकार रूप में की।
: बिमल रॉय ने उन्हें 10 साल की उम्र में फिल्म माँ (1952) और बाप बेटी (1954) कास्ट किया था।
: बतौर नायिका उन्हे सुबोध मुखर्जी और लेखक-निर्देशक नासिर हुसैन ने उन्हें शम्मी कपूर के साथ दिल देके देखो (1959) में कास्ट किया।
: नासिर हुसैन ने अपनी अगली 6 फिल्मों के लिए कास्ट किया।
: 95 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया।
: उन्होंने कटी पतंग, तीसरी मंजिल, लव इन टोक्यो, आया सावन झूम के, आन मिलो सजना, मेरा गांव मेरा देश जैसी मशहूर फिल्मों में अभिनय किया है।
: 1990 के दशक की शुरुआत में गुजराती धारावाहिक ज्योति के साथ एक टेलीविजन निर्देशक के रूप में गुजराती धारावाहिक ज्योति का निर्देशन किया।
: वह 1994 से 2000 तक सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष थीं।
: आशा पारेख भारत के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की पहली महिला अध्यक्ष थीं।
: वे इस पद पर 1998 से 2001 तक रही और कोई वेतन नहीं मिला।
: आशा पारेख को 2002 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।
: साथ ही भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित हैं जो उन्हें 1992 में दिया गया था।

: 52वें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के चयन के लिए इस जूरी में फिल्म उद्योग के ये पांच सदस्य शामिल थे- हेमामालिनी,आशा भोंसले,पूनम ढिल्लन,उदित नारायण,टी. एस. नागभरण।

: 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 30 सितंबर, 2022 को होगा,जिसकी अध्यक्षता भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी,इस समारोह में आशा पारेख को सम्मानित किया जाएगा।

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार:

: जन्म 30 अप्रैल 1870 को हुआ था।
: दादा साहब फाल्के को भारतीय सिनेमा का जन्मदाता कहा जाता है।
: इन्होने 1913 में ‘राजा हरिशचंद्र’ नाम की पहली फुल लेंथ फीचर फिल्म बनाई थी।
: भारतीय सिनेमा में दादा साहब के ऐतिहासिक योगदान के चलते 1969 से भारत सरकार ने उनके सम्मान में ‘दादा साहब फाल्के’ अवार्ड की शुरुआत की गई थी।
: ज्ञात हो कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च और प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है।
: सबसे पहले यह पुरस्कार भारतीय अभिनेत्री देविका रानी को 1969 में दिया गया था।
: और 2019 का दादा फाल्के पुरस्कार रजनीकांत को दिया गया।


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By gkvidya

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