ट्विटर के सीईओ बने भारतीय मूल के पराग अग्रवाल

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ट्विटर के सीईओ बने पराग अग्रवाल

चर्चा क्यों है-हाल ही में भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को ट्विटर के CEO (चीफ एक्सिक्यूटिव ऑफिसर) बनाया गया है।
कारण क्या है-जैक डोर्सी ने 16 साल बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टि्वटर के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है।ये ट्विटर के सह संस्थापक है।
प्रमुख तथ्य- :भारत में जन्मे IIT-बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की डिग्री भी ली है,अभी तक CTO यानी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के तौर पर कार्य कर रहे थे।
:वे 2011 से ही ट्विटर के साथ जुड़े हुए हैं और अक्टूबर 2017 से CTO के रूप में कार्यरत हैं।
:सीटीओ के रूप में पराग अग्रवाल कंपनी की तकनीकी रणनीति की जिम्मेदारी के साथ-साथ मशीन लर्निंग और एआई की देख रेख करते रहे हैं।
:डोर्सी के अनुसार कंपनी अब संस्थापकों से आगे देख रही है,इसलिए पद से इस्तीफा देना का फैसला किया। डोर्सी 2015 से ही किस तरह का लाभ या कम्पनसेशन या लाभ नहीं ले रहे है,2018 तक सिर्फ सैलरी ही लिया है.
:ट्विटर- ट्विटर एक अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग और सोशल नेटवर्किंग सेवा है,जिसे 2006 में जैक डोर्सी,नोआह ग्लास,बीज स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा डिजाइन किया गया था,तथा जिस पर उपयोगकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले संदेश पोस्ट्स को ट्वीट्स कहा जाता है।
:यह मिक्रोब्लॉगिंग की तरह होता है जीस पर यूजर बीना विस्तार के अपने विचारों को व्यक्त करता है और इसीतरह ट्विटर पर भी 140 शब्दों में अपने विचार व्यक्त किये जा सकते है।ट्विटर को एक खास वर्ग विशेष से जोड़ा जाता है।
:लोगो से जुड़ने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म माना जाता है परन्तु कुछ समय पहले इसकी विश्वसनीयता पर सवाल भी खड़े हुए है,क्योकि कई बार फिशिंग स्कैम का शिकार हो चूका है।
कुछ नुकसान भी है- :जब कम शब्द सीमा के कारण व्यक्ति पूरी बात के किये कई ट्वीटस कर देता है।
:जानकारी के आभाव के कारण वैरिफाईड खातों की पहचान नहीं कर पाते।
:भ्रम फ़ैलाने में इसका उपयोग भी किया है सकता है।


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