सन्दर्भ:
: भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसके तहत ‘Yard 3039’ (संघमित्रा)- जो कि एक ‘नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल’ (NGOPV) है– का औपचारिक जलावतरण किया गया।
Yard 3039 (संघमित्रा) के बारे में:
- Yard 3039, जिसका नाम संघमित्रा रखा गया है, भारतीय नौसेना के लिए डिज़ाइन किया गया एक उन्नत, अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल’ (NGOPV) है।
- भारत की समृद्ध विरासत से प्रेरित होकर, इसका नाम सम्राट अशोक की पुत्री के नाम पर रखा गया है।
- जहाज के अद्वितीय प्रतीक (crest) में ‘उर्सा मेजर’ तारामंडल के साथ-साथ एक लाल और सफेद रंग का लाइटहाउस भी दर्शाया गया है, जो संरचनात्मक मार्गदर्शन और सतर्कता का प्रतीक है।
- निर्माता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड, कोलकाता; यह एक समवर्ती परियोजना के तहत बनाया गया है, जिसमें गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ मिलकर कुल 11 NGOPV का निर्माण किया जा रहा है।
- इसका उद्देश्य:
- भारतीय नौसेना को एक विस्तृत और बहुमुखी मंच प्रदान करना है, जिसके माध्यम से वह विभिन्न क्षेत्रों में समुद्री अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सके।
- इसे विशेष रूप से इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह महत्वपूर्ण अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा कर सके, समुद्री क्षेत्रों को सुरक्षित रख सके, और भारत के विशाल रणनीतिक हित वाले क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले गैर-पारंपरिक खतरों का त्वरित और प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके।
- मुख्य विशेषताएं:
- आयाम और विस्थापन: इस जहाज की लंबाई लगभग 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है; इसका कुल विस्थापन (वजन) लगभग 3,000 टन है।
- गति और उथला ड्राफ्ट: इसे केवल चार मीटर के संरचनात्मक ड्राफ्ट (पानी में जहाज का डूबा हुआ हिस्सा) की आवश्यकता के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। यह विशेषता इसे उथले तटीय जल में भी सुरक्षित रूप से चलने में सक्षम बनाती है, जबकि यह 23 समुद्री मील (knots) की अधिकतम गति बनाए रख सकता है।
- दीर्घकालिक सहनशक्ति (Endurance): यह 14 समुद्री मील की क्रूजिंग गति पर 8,500 समुद्री मील की विशाल ‘ब्लू-वॉटर’ (गहरे समुद्र) रेंज प्रदान करता है, जिससे यह लंबे समय तक बिना किसी बाहरी सहायता के स्वतंत्र रूप से तैनात रह सकता है।
- बहु-अभियान क्षमता: यह विशेष प्रकार के मॉड्यूलर स्थानों से सुसज्जित है, जो इसे विभिन्न क्षेत्रों के कार्यों में सहायता करने में सक्षम बनाते हैं। इन कार्यों में समुद्री अवरोधन, ‘विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र’ (VBSS) अभियान, माइन वारफेयर (बारूदी सुरंगों से संबंधित युद्ध), और विशेष बलों की रणनीतिक तैनाती शामिल हैं।
- परिचालन तत्परता: यह जहाज उच्च-तीव्रता वाली तटीय निगरानी, समुद्री डकैती-रोधी गश्त, ‘खोज और बचाव’ (SAR) अभियान, और ‘मानवीय सहायता एवं आपदा राहत’ (HADR) मिशनों के बीच त्वरित रूप से बदलाव करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
- इसका महत्व:
- संघमित्रा का जलावतरण भारतीय नौसेना को केवल एक ‘खरीददार नौसेना’ से बदलकर एक अग्रणी और ‘आत्मनिर्भर निर्माता नौसेना’ के रूप में रूपांतरित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
- स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित युद्धपोत होने के नाते, यह सीधे तौर पर केंद्र सरकार के प्रमुख विज़न ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Self-Reliant India) और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को आगे बढ़ाता है।
