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Tadoba Andhari Tiger Reserve
Tadoba Andhari Tiger Reserve
Photo:PIB

सन्दर्भ:

:Tadoba Andhari Tiger Reserve (ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व), महाराष्ट्र द्वारा राष्ट्रीय वैश्विक बाघ दिवस समारोह 2022 की मेजबानी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव की उपस्थिति में की गई।

Tadoba Andhari Tiger Reserve प्रमुख तथ्य:

:Tadoba Andhari Tiger Reserve में बाघ अभयारण्य प्रबंधन पर बातचीत की गई।
:अब बाघों के अभयारण्य की संख्या 52 हो चुकी है,जबकि 1973 में बाघों के अभयारण्यों की शुरुआती संख्या सिर्फ नौ थी।
:Tadoba Andhari Tiger Reserve में बाघों की संख्या अधिक है।
:एम-स्ट्राइप्स नामक मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से गश्त लगाने और कानूनी गतिविधियां को वहां के स्टाफ द्वारा की समर्पण भावना से चलाया जाता है।
:यहाँ के अनोखे समुदाय-आधारित इको-पर्यटन आदर्श की भी सराहना की गई, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और अभयारण्य के लिये लोगों का समर्थन प्राप्त होता है।
: Tadoba Andhari Tiger Reserve में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स ने सलामी गारद पेश की।
:यह विशेष बल महाराष्ट्र के बाघ अभयारण्यों और केरल वन विभाग के लोगों को मिलाकर बना है, जो निश्चित प्रकार के अपराधों को रोकने के लिये तैयार किया गया है।
:विश्व में बाघों की कुल संख्या का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से का संरक्षण और बचाव करने में भारत ने मानक स्थापित किया है।
:महाराष्ट्र ने एक अनोखी श्यामा प्रसाद मुखर्जी जन वन विकास योजना शुरू की है जो बाघों के अभयारण्यों के आसपास रहने वाले लोगों के कल्याण की योजना है, जिसका अनुसरण अन्य राज्यों को भी करना चाहिये।
:चीता 1952 में भारत से विलुप्त हो चुका है,जिसको चीता कार्यक्रम के तहत वापस लाने और उसके संरक्षण को उच्च प्राथमिकता दिया जा रहा है।
:नामीबिया के साथ एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और दक्षिण अफ्रीका के साथ जल्द ही एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जायेंगे।
:भारत बाघ संरक्षण में विश्व में अग्रणी है तथा वह कम्बोडिया, चीन, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, म्यांमार और रूस जैसे देशों के साथ बाघ संरक्षण कार्य में सहयोग कर रहा है।

वैश्विक/अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस:

Tigar Data In India
Tigar Data In India
Photo:Twitter

:वैश्विक बाघ दिवस मनाने की घोषणा सेंट पीटर्सबर्ग में 29 जुलाई, 2010 को की गई थी।
:इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बाघों की आबादी वाले 13 देशों ने हिस्सा लिया और सभी से 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य दिया है।
:कारण था बाघ अभयारण्यों वाले सभी देशों को साथ लाया जाये तथा विश्व स्तर पर बाघों के संरक्षण तथा उनका प्रबंधन किय जाये।
:यह 12वां विश्व या अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस था।
:भारत इकलौता देश है,जिसने लक्ष्य से 4 साल पहले 2018 में ही प्राप्त कर लिया जिनकी कुल संख्या 2967 से ज्यादा हो चुकी है।
:अभी 2022 की एनटीसीए की गणना के आंकड़े आने बाकी है।
:भारत में बाघों की आठ प्रजातियां होती थीं परन्तु अब सिर्फ 5 प्रजातियां साइबेरियन, बंगाल टाइगर, इंडोचाइनीज, मलयन व सुमत्रन ही पाई जाती हैं।


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By gkvidya

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