सन्दर्भ:
: प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने 15वें वित्त आयोग के चक्र के दौरान 4 लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना में सहायता की है और 36 लाख से अधिक लोगों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित किए हैं।
PMEGP के बारें में:
- यह 2008 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है।
- यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसका प्रबंधन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा किया जाता है।
- इसका उद्देश्य– पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: इस योजना का कार्यान्वयन खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा किया जाता है।
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के लिए पात्रता:
- 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति इसके लिए पात्र है।
- PMEGP के तहत परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सहायता हेतु आय की कोई ऊपरी सीमा (ceiling) नहीं होगी।
- विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये से अधिक और व्यापार/सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाएं स्थापित करने के लिए लाभार्थियों के पास कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होने की शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए।
- स्वयं सहायता समूह (जिनमें BPL श्रेणी के समूह भी शामिल हैं, बशर्ते उन्होंने किसी अन्य योजना के तहत लाभ न लिया हो), सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएं, उत्पादन सहकारी समितियां और धर्मार्थ ट्रस्ट भी PMEGP के तहत सहायता प्राप्त करने के पात्र हैं।
- वे मौजूदा इकाइयां, जिन्होंने भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत पहले ही सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा लिया है, इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
