सन्दर्भ:
: INS कोलकाता ने हाल ही में पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारिक जहाज़ MV Mashallah 1 से जुड़े समुद्री डकैती के एक संदिग्ध खतरे का सफलतापूर्वक जवाब दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ती समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच जहाज़ के संभावित अपहरण के प्रयास को विफल कर दिया गया।
INS कोलकाता के बारे में:
- यह भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए और निर्मित कोलकाता-श्रेणी के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाजों में से प्रमुख जहाज है।
- प्रोजेक्ट 15A कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जहाज, प्रसिद्ध प्रोजेक्ट 15 ‘दिल्ली’-श्रेणी के विध्वंसक जहाजों के बाद आए हैं, जो 1990 के दशक के अंत में सेवा में शामिल हुए थे।
- भारतीय नौसेना के नौसेना डिज़ाइन निदेशालय द्वारा परिकल्पित और डिज़ाइन किए गए इन जहाजों का नाम भारत के प्रमुख बंदरगाह शहरों के नाम पर रखा गया है, जैसे: कोलकाता, कोच्चि और चेन्नई।
- INS कोलकाता का निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक लिमिटेड द्वारा किया गया था।
- इसे 2014 में नौसेना में शामिल किया गया था।
- विशेषताएं:
- इस जहाज में एक संयुक्त गैस और गैस (COGAG) प्रणोदन प्रणाली है, जिसमें चार शक्तिशाली रिवर्सिबल गैस टर्बाइन शामिल हैं, और यह 30 समुद्री मील (knots) से अधिक की गति प्राप्त कर सकता है।
- जहाज की विद्युत शक्ति चार गैस टर्बाइन जनरेटर और एक डीजल अल्टरनेटर द्वारा प्रदान की जाती है, जो मिलकर 4.5 मेगा-वाट विद्युत शक्ति उत्पन्न करते हैं- जो एक छोटे शहर को रोशन करने के लिए पर्याप्त है।
- यह तोपखाने और पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW) हथियारों, मध्यम-श्रेणी और छोटी-श्रेणी की बंदूकों, विमान-रोधी और सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, हवाई और सतह निगरानी रडार, और जहाज के अगले हिस्से (bow) पर लगे सोनार की एक विस्तृत श्रृंखला से सुसज्जित है।
- इस जहाज को वास्तव में ‘नेटवर्कों का नेटवर्क’ (Network of Networks) कहा जा सकता है, क्योंकि यह अत्याधुनिक डिजिटल नेटवर्कों से सुसज्जित है, जैसे कि ATM-आधारित एकीकृत जहाज डेटा नेटवर्क (AISDN), सहायक नियंत्रण प्रणाली (ACS), स्वचालित विद्युत प्रबंधन प्रणाली (APMS), और युद्ध प्रबंधन प्रणाली (CMS)।
- यह जहाज दो सीकिंग (Seaking) या चेतक (Chetak) हेलीकॉप्टरों को संचालित करने में सक्षम है।
