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AK-203 असॉल्ट राइफल का निर्माण इस वर्ष के अंत तक
AK-203 असॉल्ट राइफल का निर्माण इस वर्ष के अंत तक

सन्दर्भ:

:अमेठी (यूपी) में भारत-रूस संयुक्त उद्यम द्वारा AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण वर्ष के अंत तक शुरू हो जाएगा,रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इसमें विलंब हो गया था।

AK-203 असॉल्ट राइफल के बारें में:

:यह AK-203  राइफल का नवीनतम और सबसे उन्नत संस्करण है।
:यह भारतीय लघु शस्त्र प्रणाली (INSAS) असॉल्ट राइफल (वर्तमान में सेना, नौसेना और वायु सेना द्वारा उपयोग की जा रही है) को बदलने की उम्मीद है।
:ये AK-203 असॉल्ट राइफल एक प्रकार की कलाश्निकोव राइफल हैं, जो अत्यधिक जलवायु परिस्थितियों में काम कर सकती हैं और रेत, मिट्टी और पानी में भी प्रभावी हैं।
:इंसास (INSAS-Indian Small Arms System) राइफल्स के साथ मुद्दे: यह उच्च ऊंचाई पर उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है।
:इन राइफलों के साथ कई अन्य मुद्दों में गन जैमिंग, तेल रिसाव आदि शामिल हैं।
:ज्ञात हो कि भारत और रूस ने फरवरी 2019 में AK 203 असॉल्ट राइफलों के उत्पादन के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते (IGA) पर हस्ताक्षर किए थे।
:इस अनुबंध के शर्तों के अनुसार , भारत में पहले 70,000 एके-203 राइफलों का उत्पादन स्थानीयकरण की सीमा में 5% से 70% तक चरणबद्ध वृद्धि के साथ किया जाएगा। शेष राइफलों (6 लाख की योजना बनाई गई) का उत्पादन 100% स्थानीयकरण के साथ किया जाएगा।
:भारत का रूस के साथ अन्य सैन्य डील है-T-90 टैंकों का स्वदेशी उत्पादन,सुखोई-30-एमकेआई विमान,मिग-29-के विमान की आपूर्ति,मिग-29 विमानों का उन्नयन,कामोव-31 और एमआई-17 हेलीकॉप्टर,मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर स्मर्च की आपूर्ति,और सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलें।
:पिछले तीन वर्षों में यानी 2018-19 से 2020-21 तक, विदेशी स्रोतों से रक्षा खरीद पर खर्च 46% से घटकर 36% हो गया है, जिससे आयात का बोझ कम हो गया है।


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By gkvidya

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