सन्दर्भ:
: मस्कट में भारतीय स्कूलों के 200 से अधिक छात्रों ने हाल ही में स्वदेश निर्मित युद्धपोत INS इम्फाल का दौरा किया, जब यह ओमानी राजधानी में सुल्तान कबूस बंदरगाह पर खड़ा था।
INS इम्फाल के बारें में:
- यह भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से बना स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक (destroyer) है।
- यह ‘प्रोजेक्ट P-15B’ सीरीज़ के स्टील्थ विध्वंसकों (जिन्हें विशाखापत्तनम-क्लास भी कहा जाता है) के तहत बनाया गया तीसरा जहाज है।
- इसे 2023 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
- इस जहाज को नौसेना के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो ने खुद डिज़ाइन किया था और इसे बनाने की ज़िम्मेदारी मज़गांव डॉक लिमिटेड (MDL) की थी।
- यह पूर्वोत्तर के किसी शहर – मणिपुर की राजधानी ‘इंफाल’ – के नाम पर रखा गया पहला युद्धपोत है।
- यह महिला अधिकारियों और नाविकों के रहने की सुविधा के साथ शामिल किया गया पहला नौसैनिक युद्धपोत था।
- यह भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े (Western Fleet) का एक हिस्सा है।
- इसके मिशन में एंटी-एयर वॉरफेयर (AAW), एंटी-सरफेस वॉरफेयर (ASuW) और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) शामिल हैं।
- प्रमुख विशेषताएं:
- यह ‘कंबाइंड गैस एंड गैस’ कॉन्फ़िगरेशन में चार शक्तिशाली गैस टर्बाइनों से चलता है और 30 नॉट (56 किमी/घंटा) से ज़्यादा की रफ़्तार पकड़ने में सक्षम है।
- यह लगातार 45 दिनों तक ऑपरेशन करने में सक्षम है।
- इसमें बेहतर स्टील्थ क्षमताएं हैं, जिससे इसका ‘रडार क्रॉस सेक्शन’ कम हो जाता है।
- इस जहाज में ब्रह्मोस मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, स्वदेशी एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और 76 मिमी की सुपर-रैपिड गन माउंट लगी हैं।
- इसमें आधुनिक सर्विलांस रडार है, जो गनरी वेपन सिस्टम को टारगेट का डेटा देता है।
- इसमें ‘टोटल एटमॉस्फेरिक कंट्रोल सिस्टम’ (TACS) है, जो क्रू को केमिकल, बायोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों से सुरक्षा देता है।
