सन्दर्भ:
: हाल ही में, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने ग्रीन इंडिया मिशन (GIM) के कार्यान्वयन में बड़ी कमियों की ओर इशारा किया है।
ग्रीन इंडिया मिशन के बारें में:
- इसे 2014 में केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के तौर पर शुरू किया गया था।
- यह जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) के तहत आठ मिशनों में से एक है।
- इसका मकसद भारत के वन क्षेत्र (forest cover) की सुरक्षा, बहाली और उसे बढ़ाना है, साथ ही अनुकूलन और शमन उपायों के ज़रिए जलवायु परिवर्तन का सामना करना है।
- उद्देश्य:
- जैव विविधता, जल और कार्बन सोखने (carbon sequestration) जैसी इकोसिस्टम सेवाओं को बेहतर बनाना, और साथ ही वन-आधारित आजीविका के साधनों को बढ़ाना शामिल है।
- लक्ष्य:
- इस मिशन का लक्ष्य 5 मिलियन हेक्टेयर से ज़्यादा क्षेत्र में वन और वृक्षों का आवरण (forest and tree cover) बढ़ाना और अन्य 5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में वन/वृक्ष आवरण की गुणवत्ता में सुधार करना है।
- हर साल 50 से 60 मिलियन टन CO2 सोखने की क्षमता बढ़ाना।
- संशोधित लक्ष्य: भारत ने अतिरिक्त वन और वृक्ष आवरण के ज़रिए 2030 तक 2.5-3 बिलियन टन CO2 के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का संकल्प लिया है।
- नोडल मंत्रालय: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय।
