सन्दर्भ:
: हाल ही में देखा गया है कि प्रवासी पक्षियों की वापसी के साथ मानसबल झील पारिस्थितिक रूप से फिर से ठीक होने की राह पर है।
मानसबल झील के बारे में:
- यह भारत के जम्मू और कश्मीर के गांदरबल ज़िले में स्थित है।
- यह झील झेलम घाटी में लगभग 1,585-1,600 मीटर की ऊँचाई पर है।
- इसे भारत की सबसे गहरी मीठे पानी की झील माना जाता है, जिसकी गहराई लगभग 13 मीटर (43 फ़ीट) है।
- इसका नाम मानसरोवर झील से लिया गया है।
- आस-पास का इलाका: यह बालादर पहाड़ों और उत्तर में करेवा पठार से घिरी है, और दक्षिण में अहतुंग पहाड़ियाँ हैं जहाँ से चूना पत्थर निकाला जाता है।
- पानी का स्रोत: इसमें मुख्य रूप से बारिश और 1,200 से ज़्यादा झरनों से पानी आता है, और इसका पानी झेलम नदी में जाता है।
- भौतिक विशेषताएँ: यह झील ‘मोनोमिक्टिक’ (साल में एक बार पानी की परतें पलटने वाली) है, जिसमें मार्च से नवंबर तक तापमान के आधार पर पानी की परतें बनती हैं, इसमें थर्मोक्लाइन की गहराई 9 मीटर है और सतह के पानी का तापमान सर्दियों में 6°C से लेकर गर्मियों में 27.5°C तक रहता है।
- इतिहास: नूरजहाँ का बनाया हुआ मुगल गार्डन ‘झरोखा बाग’ इस झील के पास है, साथ ही, यहाँ 17वीं सदी के किले और एक प्राचीन मंदिर (800-900 ईस्वी) के खंडहर भी हैं।
- वनस्पति: झील में मैक्रोफाइट्स (पानी के ऊपर, नीचे और तैरने वाले पौधे) और फाइटोप्लांकटन पाए जाते हैं।
- जीव-जंतु: यहाँ ज़ूप्लांकटन, बेंथोस और मछलियों की कई प्रजातियाँ (जैसे स्किज़ोथोरैक्स नाइजर, एस. एसोसिनस, साइप्रिनस कार्पियो और नियोमैचिलस लैटियस) पाई जाती हैं, जो स्थानीय मछली पालन और अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं।
