सन्दर्भ:
: पर्यावरणविदों ने सांभर झील (Sambhar Lake) के पास प्रस्तावित 100 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट की आलोचना की है, और चेतावनी दी है कि एक अपेक्षाकृत छोटा संयंत्र भी इस नाज़ुक आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र को बिगाड़ सकता है।
सांभर झील के बारे में:
- यह राजस्थान के नागौर और जयपुर ज़िलों में स्थित है।
- यह भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है।
- यह खारी आर्द्रभूमि आकार में अंडाकार है।
- यह चारों ओर से अरावली पहाड़ियों से घिरी हुई है।
- पाँच धाराओं का पानी इस झील को भरता है: रूपनगढ़ और मेंढा मुख्य धाराएँ हैं, और छोटी धाराएँ सामोद, खारी और खंडेला हैं।
- इसे वर्ष 1990 में रामसर स्थल घोषित किया गया था।
- नमक उत्पादन: यह खारे पानी/नमक के उत्पादन के लिए जानी जाती है और यहाँ देश की सबसे बड़ी नमक निर्माण इकाइयों में से एक भी स्थित है।
- देश के कुल नमक उत्पादन में इसका योगदान लगभग 9% है।
- झील में उगने वाले विशेष शैवाल और बैक्टीरिया पानी को आकर्षक रंग प्रदान करते हैं – ऐसे रंग जो निकाले गए नमक को भी अपनी विशिष्ट छटा देते हैं – और झील की पारिस्थितिकी को बनाए रखने में मदद करते हैं।
- जीव-जंतु:
- यह कच्छ के रण के बाहर, भारत में फ्लेमिंगो (दोनों प्रजातियाँ: Phoeniconaias minor और Phoenicopterus roseus) के लिए सर्दियों में रहने का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- यहाँ पेलिकन, कॉमन शेल्डक, रेडशंक, कॉमन सैंडपाइपर, ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, केंटिश प्लोवर, रिंग्ड प्लोवर, रफ और सोशिएबल लैपविंग जैसी अन्य प्रवासी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।
