सन्दर्भ:
: भारतीय नौसेना का एक ‘फास्ट अटैक क्राफ़्ट’ (तेज़ हमलावर पोत), INS कल्पेनी, हाल ही में ‘अड्डू एटोल’ स्थित ‘गन’ पहुँचा; यह भारत और मालदीव के बीच चल रहे समुद्री जुड़ाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
INS कल्पेनी के बारें में:
- यह भारतीय नौसेना का एक तेज़ हमला करने वाला जहाज़ (Fast Attack Craft) है।
- यह 10 ‘कार निकोबार’ श्रेणी के वॉटरजेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (FAC) की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिन्हें कोलकाता के ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ (GRSE) द्वारा भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है।
- इसे 14 अक्टूबर, 2010 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
- इस जहाज़ का नाम लक्षद्वीप द्वीप समूह में स्थित ‘कल्पेनी द्वीप’ के नाम पर रखा गया है।
- यह जहाज़ ‘दक्षिणी नौसेना कमान’ के अंतर्गत कोच्चि में तैनात है, जिसका मुख्य कार्य तटीय निगरानी और रक्षा करना है।
- यह जहाज़ तस्करी-रोधी अभियानों, जहाज़ों की तलाशी और ज़ब्ती (Vessel Boarding Search & Seizure), तथा खोज और बचाव (Search & Rescue) अभियानों में विशेषज्ञता रखता है।
- शस्त्रागार:
- इस जहाज़ का मुख्य हथियार 30 mm CRN 91 तोप है, जिसमें लक्ष्य-निर्धारण (Director) के लिए ‘ऑप्ट्रॉनिक पेडस्टल साइट’ लगी हुई है।
- इसके अलावा, 49 मीटर लंबे इस जहाज़ पर विभिन्न प्रकार की 11 मशीन गन और कंधे से दागी जाने वाली ‘IGLA’ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी लगाई गई हैं, ताकि हवाई खतरों को बेअसर किया जा सके।
