सन्दर्भ:
: ‘साधना सप्ताह 2026’ पहल भारत में भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
साधना सप्ताह 2026 के बारें में:
- यह ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत एक पहल है, जिसे ‘सिविल सेवाओं की क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ के नाम से भी जाना जाता है।
- ‘राष्ट्रीय प्रगति के लिए अनुकूलनशील विकास और मानवीय योग्यता को सुदृढ़ बनाना’ (साधना) सप्ताह का उद्देश्य नागरिक-केंद्रित शासन के लिए आवश्यक कौशल को बढ़ावा देना है।
- Sādhana: Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement.
- इस वर्ष का आयोजन 2 से 8 अप्रैल 2026 तक किया गया है।
- इसका आयोजन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत द्वारा किया जाता है।
- यह पहल केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, तथा प्रशिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच पर एक साथ लाती है, ताकि उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा सके।
- यह तीन सूत्रों पर आधारित है: प्रौद्योगिकी, परंपरा और ठोस परिणाम; जिसका मुख्य ज़ोर ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने के लिए आवश्यक कौशल के निर्माण पर है।
- यह ‘iGOT कर्मयोगी’ मंच पर विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रमों, ‘सामूहिक चर्चा’ सत्रों, विषय-आधारित वेबिनारों और प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा आयोजित व्यावहारिक कार्यशालाओं के माध्यम से सीखने के अनेक अवसर प्रदान करता है।
- ये गतिविधियाँ नेतृत्व, संचार, डेटा विश्लेषण, परियोजना प्रबंधन और डिजिटल शासन जैसी दक्षताओं पर केंद्रित हैं।
