सन्दर्भ:
: कर्नाटक में ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ (NDDY) के तहत ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की संख्या सबसे अधिक है।
नमो ड्रोन दीदी योजना के बारें में:
- यह एक केंद्रीय क्षेत्र की पहल है जिसका उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत बढ़ावा दिए गए महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को कृषि सेवाओं के लिए ड्रोन तकनीक उपलब्ध कराकर सशक्त बनाना है।
- इसका लक्ष्य चुने हुए SHGs को किसानों को कृषि कार्यों के लिए किराए पर देने हेतु ड्रोन उपलब्ध कराना है (वर्तमान में तरल उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए)।
- वित्तीय सहायता: महिला SHGs को ड्रोन पैकेज की लागत का 80% केंद्रीय वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा। शेष 20% लागत के लिए, SHGs राष्ट्रीय कृषि अवसंरचना वित्तपोषण सुविधा (AIF) से 3% ब्याज सबवेंशन (ब्याज में छूट) के साथ ऋण ले सकते हैं।
- प्रशिक्षण: महिला SHGs की एक सदस्य को 15-दिवसीय प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा, जिसमें अनिवार्य ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और कृषि कार्यों (पोषक तत्वों और कीटनाशकों के छिड़काव) के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण शामिल होगा।
- इसे निम्नलिखित के संसाधनों को मिलाकर लागू किया जाता है:
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW), ग्रामीण विकास विभाग (DoRD), उर्वरक विभाग (DoF) और प्रमुख उर्वरक कंपनियाँ (LFCs)।
