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7वें इंडिया वॉटर वीक
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सन्दर्भ:

: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 1 नवंबर, 2022 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 7वें इंडिया वॉटर वीक का शुभारंभ किया।

इंडिया वॉटर वीक:

: 7वें इंडिया वॉटर वीक में डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, इज़राइल और यूरोपीय संघ भाग ले रहे हैं।
: जल प्रबंधन पर चर्चा करना बहुत ही सराहनीय कदम है।
: भारतीय सभ्यता में जल जीवन में ही नहीं जीवन के बाद की यात्रा में भी महत्वपूर्ण है।
: इसलिए सभी जल स्रोतों को पवित्र माना जाता है।
: पानी का मुद्दा न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है।
: यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि उपलब्ध मीठे पानी की विशाल मात्रा दो या दो से अधिक देशों के बीच फैली हुई है।
: यह संयुक्त जल संसाधन एक ऐसा मुद्दा है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
: इस मंच पर विचारों और प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान से सभी लाभान्वित होंगे।
: जल संरक्षण के लिए सिंचाई में पानी का उचित उपयोग और प्रबंधन बहुत जरूरी है।
: इस क्षेत्र में ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ एक प्रमुख पहल है।
: जल संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप, इस योजना में “प्रति बूंद अधिक फसल” सुनिश्चित करने के लिए सटीक-सिंचाई और जल बचत प्रौद्योगिकियों को अपनाने की भी परिकल्पना की गई है।
: 7वें जल सप्ताह के दौरान विचार-मंथन के परिणाम इस पृथ्वी और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।


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By gkvidya

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