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5th OCTOBER-RASTRIY DOLPHIN DIWAS
5 अक्टूबर को “राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस” घोषित
स्रोत:PIB

सन्दर्भ-केंद्रीय पर्यावरण,वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने बताया है कि हर साल 5 अक्टूबर को “राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।
प्रमुख तथ्य-यह निर्णय “राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड”(NBWL) की स्थायी समिति की 67वीं बैठक में लिया गया।
: डॉल्फिन के संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करने के यह एक ऐतिहासिक कदम है,क्योकि संकेतक प्रजातियों के संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करना और सामुदायिक भागीदारी अभिन्न हिस्सा है।
:इसके लिए राज्य सरकारों व केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन की ओर से भेजे गए वन्यजीव मंजूरी के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
:डॉल्फिन एक स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के आदर्श पारिस्थितिक संकेतक के रूप में कार्य करती है।
:डॉल्फिन के संरक्षण से प्रजातियों के अस्तित्व और अपनी आजीविका के लिए जलीय प्रणाली पर निर्भर लोगों को लाभ होगा।
:स्थायी समिति ने वन्यजीव मंजूरी के 46 प्रस्तावों पर भी विचार किया,साथ ही सार्वजनिक महत्व और स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार जैसे जरुरी कई परियोजनाओं की सिफारिश की।
:स्थायी समिति ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार के लिए हरियाणा राज्य में मिट्टी के बांधों के निर्माण के लिए चार प्रस्तावों की सिफारिश की।
:इन बांधों से अभ्यारण्य में भूजल स्तर बढ़ेगा और वन्यजीव निवास के लिहाज से लाभकारी होगा।

संकेतक प्रजाति-:इसका तात्पर्य किसी ऐसे पौधे या जंतु की प्रजाति से है जो पर्यावरण परिवर्तन के लिए बहुत संवेदनशील है,अर्थात पारिस्थितिकी तंत्र की हानि से तुरंत प्रभावित होते है।
:इसे एक चेतावनी के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड”(NBWL)-:इसकी स्थापना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत 2003 में किया गया।
:यह वन्य पारिस्थितिकी से जुड़े मामलों में सर्वोच्च निकाय रूप कार्य करता है।
:राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है।

 

 

 


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By gkvidya

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