450 से अधिक उत्पाद अनिवार्य प्रमाणन (Mandatory Certification) के दायरे में

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अनिवार्य प्रमाणन (Mandatory Certification) के दायरे में
अनिवार्य प्रमाणन (Mandatory Certification) के दायरे में
Photo:BIS

सन्दर्भ:

:भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता के लिए प्रतिबद्ध है, ऐसे में 450 से अधिक उत्पादों को अनिवार्य प्रमाणन/ Mandatory Certification के दायरे में हैं।

Mandatory Certification प्रमुख तथ्य:

:अनिवार्य प्रमाणीकरण/Mandatory Certification के तहत प्रमुख उपभोक्ता उत्पादों में सीमेंट, इलेक्ट्रिक प्रेस (इस्‍त्री), इलेक्ट्रिक इमर्शन वॉटर हीटर, घरेलू फूड मिक्सर, स्विच, हेलमेट, घरेलू प्रेशर कुकर, ऑटोमोटिव टायर, ट्यूब, पैकेज्ड पेयजल, एलपीजी स्टोव, एलपीजी सिलेंडर, खिलौने आदि शामिल हैं।
:इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी, पावर एडेप्टर, पावर बैंक, डिजिटल कैमरा आदि शामिल हैं।
:उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे ISI निशान वाले इन उत्पादों को ही खरीदें।
:कई उत्पादों के लिए, भारत सरकार द्वारा विभिन्न बातों जैसे जनहित, मानव, पशु या पौधों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, पर्यावरण की सुरक्षा, अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय मानकों का अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है,ऐसे में सरकार ने निर्माताओं के लिए भारतीय मानकों का पालन करना और BIS प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है।
:BIS सरकार द्वारा जारी किया गया गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) लागू करता है जो यह सुनिश्चित करता है कि अधिसूचित उत्पाद महत्‍वपूर्ण भारतीय मानक (मानकों) की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।
:QCO के शुरू होने की तारीख के बाद, कोई भी व्यक्ति बीआईएस से वैध प्रमाणीकरण के अलावा मानक चिह्न के बिना QCO के तहत शामिल किए गए किसी भी उत्पाद (उत्पादों) का निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री, किराया, पट्टा, स्टोर या बिक्री के लिए प्रदर्शन नहीं कर सकता है।
:चूंकि QCO भारतीय निर्माताओं के साथ-साथ विदेशी निर्माताओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं, भारतीय उपभोक्ताओं को भारत में निर्मित और देश में आयातित ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता का आश्वासन दिया जाता है।
:BIS प्रमाणन योजना मूल रूप से स्वैच्छिक प्रकृति की है।
:QCO केन्‍द्र सरकार के तहत विभिन्‍न मंत्रालयों (नियामकों) द्वारा जारी किए जाते हैं जो उत्पाद (उत्‍पादों)/उत्पाद श्रेणियों के आधार पर, हितधारक परामर्श के बाद आदेश के माध्यम से विनियमित होते हैं।
:कोई भी व्यक्ति जो आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करता है वह बीआईएस कानून, 2016 की धारा 29 की उप-धारा (3) के प्रावधानों के तहत कारावास या जुर्माना या दोनों के साथ दंडनीय होगा।
:कोई भी छूट जैसे विशिष्ट उत्पाद (उत्पादों), निर्यात के लिए उत्पाद (उत्पादों) आदि के नहीं लागू होने पर, वह विभिन्‍न मंत्रालय (नियामक) के दायरे में आती है जिसने QCO जारी किया है।
:QCO की विस्तृत जानकारी के लिए क्लिक करें – BIS


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