सन्दर्भ:
: वन अधिकारियों को हाल ही में छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के जंगलों में दुर्लभ ‘हिमालयन ट्राइकैरीनेट हिल टर्टल’ मिला है, मध्य भारत में हिमालयी प्रजाति का यह दिखना एक असामान्य घटना है।
हिमालयन ट्राइकैरीनेट हिल टर्टल के बारे में:
- यह Geoemydidae परिवार से संबंधित एक छोटी, ज़मीन पर रहने वाली कछुए की प्रजाति है।
- इसका नाम इसके कवच पर मौजूद तीन अलग-अलग उभारों (keels) के कारण पड़ा है, जो इसे एक आकर्षक रूप देते हैं।
- वैज्ञानिक नाम: Melanochelys tricarinata
- आवास और वितरण:
- यह हिमालय के निचले इलाकों की एक संकरी पट्टी में पाया जाता है, जो पूर्वोत्तर भारत, दक्षिणी नेपाल, दक्षिणी भूटान और उत्तरी बांग्लादेश तक फैली हुई है।
- यह प्रजाति मुख्य रूप से समशीतोष्ण जंगलों, साथ ही घास के मैदानों और हिमालय की तलहटियों में रहती है।
- विशेषताएं:
- इसकी पहचान इसके अत्यधिक गुंबददार कवच से होती है, जिस पर तीन लंबी धारियां (keels) होती हैं।
- इसका सिर छोटा होता है, जिसका रंग जैतूनी से लेकर गहरा हो सकता है, और इसकी थूथन पतली होती है।
- इसके पैर शल्कों (scales) से ढके होते हैं, जो इसे ज़मीन पर चलने में मदद करते हैं।
- संरक्षण की स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: संकटग्रस्त (Endangered)
