सन्दर्भ:
: हाल ही में, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर ज़िले में हरिश्चंद्रगढ़ किला से नीचे उतरते समय मुंबई के चार पर्यटक भूस्खलन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हरिश्चंद्रगढ़ किला के बारे में:
- यह महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित एक पहाड़ी किला है।
- इतिहास:
- यह किला मूल रूप से छठी शताब्दी का है, जब कलचुरी राजवंश का शासन था।
- इसी दौर में किले का मुख्य हिस्सा बनाया गया था और माना जाता है कि यहाँ की कई गुफाएँ 11वीं शताब्दी में बनाई गई थीं।
- बाद में यह किला मुगलों के नियंत्रण में रहा और 1747 में मराठों ने इस पर कब्ज़ा कर लिया।
- यहाँ माइक्रोलिथिक (सूक्ष्म-पाषाण) युग के मानव निवासियों के अवशेष मिले हैं।
- मत्स्य पुराण, अग्नि पुराण और स्कंद पुराण जैसे कई पुराणों में हरिश्चंद्रगढ़ का ज़िक्र मिलता है।
- वास्तुकला:
- किले की सबसे खास संरचनाओं में से एक है भगवान शिव को समर्पित हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर।
- हेमाडपंथी वास्तुकला शैली में बने इस मंदिर में बारीक नक्काशी की गई है और इसके प्रवेश द्वार पर नंदी की एक विशाल मूर्ति है।
- मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है, जिससे यह एक पवित्र तीर्थ स्थल बन गया है।
- कोंकण कड़ा, या कोंकण क्लिफ (चट्टान), हरिश्चंद्रगढ़ की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है।
- अर्ध-वृत्ताकार आकार की यह लटकती हुई चट्टान कोंकण क्षेत्र का शानदार नज़ारा दिखाती है, कुछ खास मौसमों में यहाँ “ब्रोकन स्पैक्टर” (Brocken Spectre) जैसी दुर्लभ घटना देखी जा सकती है, जिसमें बादलों पर इंद्रधनुषी घेरे के साथ अपनी ही परछाई दिखाई देती है।
