सन्दर्भ:
: महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले में स्थित मेलघाट टाइगर रिज़र्व (MTR) में छोड़े गए दो भारतीय गिद्ध को, 1,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान दूरी तय करने के बाद, हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल के पास देखा गया है।
भारतीय गिद्ध के बारे में:
- भारतीय गिद्ध, जिसे लंबी चोंच वाला गिद्ध भी कहा जाता है, एशिया का मूल निवासी एक शिकारी पक्षी है।
- वैज्ञानिक नाम: Gyps indicus
- यह “ओल्ड वर्ल्ड गिद्धों” (Old World vultures) नामक समूह का हिस्सा है।
- ये Accipitridae परिवार से संबंधित हैं, जिसमें चील और बाज़ शामिल हैं।
- आवास और वितरण:
- ये भारत, पाकिस्तान और नेपाल के मूल निवासी हैं।
- ये आमतौर पर सवाना और गांवों, शहरों तथा खेती वाले इलाकों के आसपास के अन्य खुले आवासों में पाए जाते हैं।
- पशुओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘डाइक्लोफेनाक’ के कारण हुए ज़हर से इनकी आबादी में 97-99% की कमी आई है।
- यह दवा काम करने वाले पशुओं को दी जाती थी, क्योंकि यह जोड़ों के दर्द को कम करती थी और इस तरह उन्हें लंबे समय तक काम करने लायक बनाए रखती थी।
- गिद्ध तब ज़हर का शिकार हो गए, जब उन्होंने उन मरे हुए पशुओं का मांस खाया, जिनका इलाज डाइक्लोफेनाक से किया गया था, इसके कारण गिद्धों में किडनी फेलियर हो गया।
- विशेषताएं:
- यह एक भारी-भरकम, मध्यम आकार का पक्षी है।
- इस प्रजाति की मादाएं नर से छोटी होती हैं।
- इनका सिर छोटा होता है और ज़्यादातर गंजा होता है, जिस पर बहुत कम पंख होते हैं।
- इसकी गर्दन लंबी और पंख-रहित होती है, आंखें गहरी होती हैं, और चोंच लंबी व पीले रंग की होती है।
- इसका शरीर और ऊपरी पंख हल्के भूरे रंग के होते हैं।
- इसके पंख चौड़े होते हैं, और पूंछ के पंख छोटे होते हैं।
- इसके पंखों का फैलाव (wingspan) बहुत ज़्यादा होता है, जिससे यह कम से कम ऊर्जा खर्च करके लंबी दूरी तक उड़ सकता है।
- संरक्षण की स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered)।
मेलघाट टाइगर रिज़र्व के बारे में:
- यह महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले में स्थित है।
- सतपुड़ा पर्वतमाला की दक्षिणी शाखा पर स्थित, जिसे गाविलगढ़ पहाड़ियाँ भी कहा जाता है, मेलघाट नाम का अर्थ ही “घाटों का मिलन” है।
- यह महाराष्ट्र का पहला टाइगर रिज़र्व था।
- नदियाँ: ताप्ती नदी रिज़र्व की उत्तर-पूर्वी सीमा के साथ-साथ खूबसूरती से बहती है, जबकि पाँच सहायक नदियाँ—खांडू, खापरा, सिपना, गाडगा और डोलर—अभयारण्य को काटते हुए गुज़रती हैं।
- जनजातियाँ: मेलघाट में कोरकू सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है।
- वनस्पति:
- यहाँ मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
- यहाँ ऊँचे-ऊँचे सागौन (Tectona grandis) के पेड़ बहुतायत में हैं, जिनके बीच-बीच में ऐन (Terminalia tomentosa), हल्दू (Adina cordifolia) और बाँस जैसी अन्य कीमती प्रजातियाँ भी मौजूद हैं।
- जीव-जंतु:
- स्लॉथ बेयर, इंडियन गौर, सांभर हिरण, तेंदुआ, नीलगाय, ढोल, लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, लंगूर, आदि।
- इसे अत्यंत संकटग्रस्त ‘फॉरेस्ट आउलेट’ (जंगली उल्लू) का एक प्रमुख गढ़ माना जाता है।
