सन्दर्भ:
: हाल ही में, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा कि नमस्ते योजना (NAMASTE Scheme) ने खतरनाक मैनुअल सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए लक्षित हस्तक्षेपों और एक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से मापने योग्य प्रभाव प्रदर्शित किया है।
नमस्ते योजना के बारें में:
- ‘मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना’ (NAMASTE) योजना, भारत में सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों (SSWs) के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों को हल करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
- इसका उद्देश्य- व्यवस्थित उपायों के माध्यम से उनकी व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा में सुधार लाना है।
- शामिल मंत्रालय: इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) तथा आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) के अंतर्गत ‘राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम’ (NSKFDC) द्वारा लागू किया जाता है।
- अवधि: इसे वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2025-26 तक, तीन वर्षों की अवधि के लिए लागू किया जाएगा।
- लक्षित समूह: भारत के शहरी क्षेत्रों में कार्यरत सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारी (SSWs) तथा कचरा बीनने वाले लोग।
- इस योजना के मुख्य लक्ष्य हैं:
- सफाई कार्यों के दौरान होने वाली मौतों की संख्या को शून्य तक लाना।
- मानव मल-मूत्र के साथ सीधे संपर्क को पूरी तरह समाप्त करना।
- यह सुनिश्चित करना कि सभी सफाई कार्य कुशल कर्मचारियों द्वारा, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए ही किए जाएं।
- ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों’ (ERSUs) को सुदृढ़ बनाना, तथा ‘स्वयं सहायता समूहों’ (SHGs) और उद्यमिता के माध्यम से कर्मचारियों को सशक्त बनाना।
