सन्दर्भ:
: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय 1 से 30 जून, 2026 तक पूरे देश में एक महीने तक चलने वाला ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाएगा।
खेत बचाओ अभियान के बारे में:
- खेत बचाओ अभियान कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में चलाया जाने वाला एक राष्ट्रव्यापी कृषि जागरूकता और आउटरीच अभियान है। इसका उद्देश्य टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देना, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना और खेत-स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता को मज़बूत बनाना है।
- इसका उद्देश्य:
- मिट्टी के स्वास्थ्य और वैज्ञानिक सुझावों के आधार पर उर्वरकों के संतुलित और सही इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
- किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि सहायता से जोड़ते हुए, मौसम-आधारित और क्षेत्र-विशेष कृषि सलाह देना।
- मुख्य विशेषताएं:
- उर्वरकों का संतुलित उपयोग: मिट्टी की जाँच (Soil Testing), एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), और जैविक, जैव-उर्वरक व हरी खाद के ज़्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा देता है।
- मौसम-अनुकूल कृषि सलाह: किसानों को फ़सलों के चुनाव, फ़सल विविधीकरण, पानी की कमी के प्रबंधन और मौसम से जुड़े जोखिमों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन मिलता है।
- व्यापक संस्थागत भागीदारी: पंचायतों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs), ICAR संस्थानों, राज्य सरकारों और कृषि विभागों द्वारा मिलकर लागू किया जाता है।
- पंचायत-केंद्रित दृष्टिकोण: स्थानीय संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं की सक्रिय भागीदारी के साथ, गाँव-स्तर पर कार्यान्वयन पर ज़ोर देता है।
- योजनाओं का एकीकरण: PM-KISAN, किसान क्रेडिट कार्ड, दलहन-तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन, कपास मिशन, मशीनीकरण सहायता और जल संरक्षण पहलों के लाभों को एक साथ जोड़ता है।
- इसका महत्व:
- वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देता है, जिससे उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग कम होता है और मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता बनी रहती है।
- किसानों को उर्वरकों और अन्य साधनों के उपयोग को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे खेती की लागत कम होती है और मुनाफ़ा बढ़ता है।
