सुंदरबन में बाघ-पीडि़त बाली द्वीप का कायाकल्‍प

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सुंदरबन में बाघ-पीडि़त बाली द्वीप

सन्दर्भ-खादी गतिविधियों से पश्चिम बंगाल के सुंदरबन का घने मैंग्रोव इलाकों में निस्‍तेज बाघ-पीडि़त बाली द्वीप का ऐतिहासिक कायाकल्‍प हुआ है।
महत्त्व-स्वरोजगार गतिविधियों से इन असहाय महिला कारीगरों के पुनर्वास में मदद मिलेगी,इसके साथ-साथ यह अन्य परिवारों को भी सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए कताई और बुनाई गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
प्रमुख तथ्य-:यह द्वीप जो आजादी के बाद से ही विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह से कट गया था।
:बाली द्वीप में सौ से अधिक बाघ विधवाएं है,जो 2018 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की कताई गतिविधि से जुड़ी थीं।
:‘‘टाइगर विक्टिम खादी कटाई केन्‍द्र’’ अब 125 नए मॉडल के चरखों,15 आधुनिक करघों से सुसज्जित है,जो बाली द्वीप की लगभग 150 महिला कारीगरों को रोजगार उपलब्‍ध कराते हैं।
:इन महिला कारीगरों को स्थायी आजीविका प्रदान करने के लिए उपलब्‍ध कराई गई आधुनिक सुविधाओं और चरखा,करघे जैसे आधुनिक उपकरणों और विपणन सहायता पर गर्व कर सकती हैं।
:केवीआईसी ने इस द्वीप में खादी गतिविधियों को शुरू करने के लिए तीन साल पहले एक अस्थायी ढांचा स्थापित किया था,जिसे अब स्थायी वर्कशेड में बदल दिया गया है।
:बाली द्वीप में खादी कारीगरों के लिए नवनिर्मित 3000 वर्ग फुट के वर्क शेड और 500 वर्ग फुट के सामान्य सुविधा केन्‍द्र का उद्घाटन किया गया।
:केवीआईसी ने इन कारीगरों को ‘यार्न डाइंग मशीन’ और रेडीमेड गारमेंट तैयार करने की मशीनें भी प्रदान की हैं।
:खादी कटाई केन्‍द्रों 95 लाख रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है,जिसका वित्तपोषण खादी सुधार और विकास कार्यक्रम (केआरडीपी) और खादी कारीगरों के लिए वर्कशेड योजना के तहत किया है।
:यह केन्‍द्र पश्चिम बंगाल के एक स्थानीय खादी संस्थान द्वारा चलाया जा रहा है।
:बाली द्वीप पर खादी गतिविधियां प्रधानमंत्री के हाशिए के वर्गों को सशक्त बनाने और उन्‍हें मुख्‍य धारा से जोड़ने के विजन से प्रेरित हैं।
:खादी गतिविधियों को अपनाकर ये कारीगर प्रतिदिन 200 रुपये तक कमाने में समर्थ होंगे।
:इन कारीगरों को केवीआईसी द्वारा व्यापक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।


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