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लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांकलॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक Photo@Twitter
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सन्दर्भ:

: विश्व बैंक के लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (Logistics Performance Index 2023) में भारत की 16 स्थानों की शानदार प्रगति हुई है।

लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक के बारें में:

: विश्व बैंक समूह द्वारा विकसित लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (LPI), इंटरैक्टिव बेंचमार्किंग टूल है, जो देशों को व्यापार लॉजिस्टिक्स पर उनके प्रदर्शन में आने वाली चुनौतियों और अवसरों की पहचान करने में मदद हेतु बनाया गया है तथा यह सुझाव प्रदान करता है कि वे अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में क्या कर सकते हैं।
: LPI छह प्रमुख आयामों पर देश के स्कोर का भारित औसत है:
1-माल को ट्रैक और ट्रेस करने की क्षमता।
2-प्रतिस्पर्द्धी मूल्य के शिपमेंट की व्यवस्था में सुगमता।
3-रसद सेवाओं की क्षमता और गुणवत्ता (जैसे, परिवहन ऑपरेटर, सीमा शुल्क दलाल)।
4-निर्धारित या अपेक्षित डिलीवरी समय के भीतर गंतव्य तक पहुँचने में शिपमेंट की समयबद्धता।
5- परिवहन और व्यापार से जुड़े बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता (जैसे, सड़कें, रेलमार्ग, बंदरगाह, सूचना प्रौद्योगिकी)।
6-सीमा शुल्क सहित सीमा नियंत्रण एजेंसियों द्वारा निकासी प्रक्रिया की दक्षता (अर्थात् गति, सरलता और औपचारिकताओं की पूर्वानुमेयता)।
7- भारत LPI में वर्ष 2014 में जहां 54वें स्थान पर तो वर्ष 2018 में 44वें स्थान पर था और अब वर्ष 2022 में यह 38 वें स्थान पर पहुंच गया है।

सूचकांक के प्रमुख तथ्य:

: इस सूचकांक में सिंगापुर प्रथम स्थान पर है।
: दूसरे स्थान पर फ़िनलैंड है।
: तीसरे स्थान पर क्रमशः डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड और स्विट्ज़रलैंड है।
: इस सूचकांक में अफगानिस्तान, लीबिया सहित 138वीं रैंक के साथ सबसे निचले स्थान पर है।

लॉजिस्टिक्स से जुड़ी भारत की पहलें:

: लीड्स रिपोर्ट
: सागरमाला परियोजना
: भारतमाला परियोजना
: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
: प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना
: मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क
: माल का बहुविध परिवहन अधिनियम, 1993


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By gkvidya

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