राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन-2022 का उद्घाटन

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RASHTIYA MAHILA VIDHAYAK SAMMELAN-2022-KERLA
राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन-2022 का उद्घाटन
Photo:Twitter

सन्दर्भभारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद ने 26 मई, 2022 को तिरुवनंतपुरम में राष्ट्रीय महिला विधायक

(National Women Legislators Conference) सम्मेलन-2022 का उद्घाटन किया।
प्रमुख तथ्य-इस सम्मेलन का आयोजन केरल विधानसभा ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत किया है।
:हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की गाथा में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
:सबसे पहले 1857 में हमें इसकी अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।
:19वीं सदी के मध्य के समय में भी, जबकि दूसरी ओर केवल पुरुष थे, भारतीय पक्ष में कई महिलाएं शामिल थीं।
:रानी लक्ष्मीबाई उनमें से सबसे उल्लेखनीय थीं,लेकिन उनके जैसी कई और भी थीं।
:गांधी जी के नेतृत्व वाले ‘असहयोग आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन’ तक कई सत्याग्रह अभियान चलाए गए, जिनमें महिलाओं की व्यापक भागीदारी थी।
:पहली महिला सत्याग्रहियों में कस्तूरबा शामिल थीं।
:गांधीजी को गिरफ्तार किया गया,तो उन्होंने दांडी तक के नमक मार्च का नेतृत्व सरोजिनी नायडू को सौंपने का फैसला किया।
:कमलादेवी चट्टोपाध्याय चुनाव लड़ने वाली देश की पहली महिला थीं।
:राष्ट्रपति ने मैडम भीकाजी कामा के साहसपूर्ण बलिदान और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में इंडियन नेशनल आर्मी की कैप्टन लक्ष्मी सहगल और उनकी सहयोगियों के योगदान को भी याद किया।
:यह वह भूमि है जिसने भारत को सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीवी दीं।
:भारत में ऐसा समय कभी नहीं हुआ जब पुरुषों को मताधिकार मिला हो,और महिलाओं को नहीं,जबकि विश्व के कई लोकतंत्र में महिला मताधिकार के लिए सदी तक इंतजार करना पड़ा।
:महिलाएं एक के बाद एक विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति कर रही हैं।
:नवीनतम है, सशस्त्र बलों में उनकी बढ़ती भूमिका।
:विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और प्रबंधन के पारंपरिक रूप से पुरुषों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में भी, जिन्हें एसटीईएमएम कहा जाता है, उनकी संख्या बढ़ रही है।
:देश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है, ऐसे में इस तरह की उपलब्धियां हासिल करना उनके लिए स्वाभाविक होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।
:देश के कार्यबल में उनका अनुपात उनकी क्षमता के मुकाबले कुछ नहीं है।
:अब यह मानसिकता बदलनी शुरू हो गई है,और लैंगिक संवेदनशीलता- तीसरे लिंग और अन्य लिंग की पहचानों सहित तेजी से आगे बढ़ रही है।
:दशकों से केरल राज्य महिलाओं की तरक्की की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर एक शानदार उदाहरण पेश करता रहा है।
:यही वजह है कि केरल आज राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।


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