Wed. Apr 24th, 2024
युद्पोत इम्फालयुद्पोत इम्फाल
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सन्दर्भ:

: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 28 नवंबर, 2023 को नई दिल्ली में भारतीय समुद्री सीमा की रक्षा की चार 15 बी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक परियोजनाओं में से तीसरे यार्ड 12706 (इम्फाल)/ युद्पोत इम्फाल का अनावरण किया।

युद्पोत इम्फाल के बारें में:

: जहाज के शिखर पर बनाए डिजाइन में बाईं ओर ‘कंगला पैलेस’ और दाईं ओर ‘कांगला-सा’ को दर्शाया गया है।
: इस जहाज को शिखर पर ‘कंगला पैलेस’ और ‘कंगला-सा’ से सुसज्जित किया गया है।
: यह भारत की स्वाधीनता, संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति मणिपुर वासियों के बलिदान के प्रति श्रद्धांजलि है।
: कांगला पैलेस मणिपुर का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है।
: यह महल प्राचीनकाल में मणिपुर के मेइतेइ राजाओं का निवास हुआ करता था।
: इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने किया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई ने किया है।
: यह जहाज स्वदेशी जहाज निर्माण की पहचान है और दुनिया के सर्वाधिक तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोतों में से एक है।
: इस जहाज को MDL ने 20 अक्टूबर, 2023 को भारतीय नौसेना को सौंपा था।
: इस जहाज का आधार 7,400 टन है और लंबाई 164 मीटर है।
: यह विध्वंसक जहाज अत्याधुनिक हथियारों और प्रणाली से लैस है, जिसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइल और टॉरपीडो शामिल हैं।
: इसकी गति 30 समुद्री मील अर्थात (56 किमी प्रतिघंटा) से अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम है।
: इंफाल का 19 मई, 2017 को रखी गई थी और जहाज को 20 अप्रैल, 2019 को पानी में उतारा गया।
: जहाज 28 अप्रैल, 2023 को अपने पहले समुद्री परीक्षणों के लिए रवाना हुआ था और बंदरगाह और समुद्र में परीक्षणों के एक व्यापक कार्यक्रम से गुजरा है, जिससे छह महीने की रिकॉर्ड समय-सीमा के भीतर 20 अक्टूबर, 2023 को इसे सेना को सौंपा गया।
: परीक्षणों के हिस्से के रूप में, जहाज ने हाल ही में एक विस्तारित रेंज ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
: स्वदेशी विध्वंसक इंफाल का निर्माण और परीक्षण बहुत ही कम समय में किया गया है।
: जहाज की सुपुर्दगी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में प्रोत्साहन को दर्शाती है।
: भारतीय नौसेना को अपने नवीनतम और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत युद्धपोत का नाम ऐतिहासिक शहर इम्फाल के नाम पर रखने पर अत्यंत गर्व है।
: यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के किसी शहर के नाम पर रखा जाने वाला पहला युद्धपोत है।
: इसके लिए राष्ट्रपति ने 16 अप्रैल, 2019 को स्वीकृति दी थी।

इसकी निम्नलिखित विशेषताएं है:

: स्वदेशी टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर।
: 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट।
: पनडुब्बी-रोधी स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर।
: सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइलें।
: इस पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें।


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By gkvidya

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