भारत ने 5 नए Wetlands (रामसर स्थल) को नामित किया

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भारत ने 5 नए Wetlands (रामसर स्थल) को नामित किया
भारत ने 5 नए Wetlands (रामसर स्थल) को नामित किया
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सन्दर्भ:

: अंतर्राष्ट्रीय महत्व के 5 नए Wetlands (रामसर स्थल) को भारत ने नामित किए हैं।

Wetlands (रामसर स्थल) से सम्बंधित प्रमुख तथ्य:

: ये Wetlands (रामसर स्थल) है – करीकिली पक्षी अभयारण्य, पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट और पिचवरम मैंग्रोव तीनों तमिलनाडु में, पाला आर्द्रभूमि मिजोरम में,और साख्य सागर मध्य प्रदेश में।
:इस प्रकार, देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या 49 से बढ़कर अब 54 हो गयी है।
:भारत के पहले रामसर स्थल है चिल्का झील (ओडिशा) और केवल देव राष्ट्रिय उद्यान (राजस्थान) दोनों 1981 में घोषित।
:नमी या दलदल वाले क्षेत्र को रामसर स्थल या आर्द्रभूमि (wetland) कहा जाता है।
:रामसर एक नगर का नाम है जो कैस्पियन सागर के तट पर और ईरान में स्थित है ।
:पुरे विश्व में आर्द्र भूमि और जलवायु परिवर्तन के महत्व को समझते हुए 2 फरवरी 1971 में विश्व की रामसर स्थल या आर्द्रभूमि (wetland) के संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
:इसी के आधार पर हर वर्ष 02 फरवरी को विश्व आर्द्र दिवस के रूप में मनाया जाता है,क्योकि यह‘आर्द्रभूमि पर कन्वेंशन’ को अपनाने की तारीख को चिह्नित करता है।
:इस हेतु रामसर कन्वेंशन: यह कन्वेंशन 1975 में लागू किया गया था।
:भारत में आर्द्रभूमि (wetlands) का नियमन आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत विनियमित किया जाता है।
:आर्द्रभूमि” की परिभाषा से कुछ को हटा दिया गया, जिनमें बैकवाटर, लैगून, खाड़ी और मुहाना शामिल हैं।
:सबसे अधिक रामसर स्थलों वाले देश है UK (175) और मेंक्सिको (142) हैं।
:कन्वेंशन संरक्षण के दृष्टिकोण से बोलीविया का क्षेत्रफल (148,000 वर्ग किमी) सबसे बड़ा है।
:भारत में 19 प्रकार की आर्द्रभूमियांँ हैं।
:आर्द्रभूमि के राज्य-वार वितरण में गुजरात शीर्ष पर है इसके बाद आंध्र प्रदेश,उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है।
:भारत में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संकलित आकलन और राष्ट्रीय आर्द्रभूमि सूची के अनुसार, आर्द्रभूमि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 4.63% है।

विश्व आर्द्र दिवस 2022 का थीम है: “वेटलैंड एक्शन फॉर पीपल्स एंड नेचर।”


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