भारत-ईयू व्यापार एवं निवेश समझौतों हेतु वार्ता का पहला चरण पूरा

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Bharat-EU Pahale Charan Ki Varta Sampann
भारत-ईयू वार्ता का पहला चरण पूरा
Photo:Twitter

सन्दर्भ:

:भारत और यूरोपीय संघ ने 2 जुलाई 2022 को दिल्ली में भौगोलिक संकेतों (GI -Geographical Indentification) सहित भारत-ईयू (EU-European Union) व्यापार एवं निवेश समझौतों के लिए वार्ता का पहला चरण पूरा कर लिया है।

इसका उद्देश्य है:

:व्यापार निष्पक्षता और परस्पर लेनदेन के सिद्धांतों के आधार पर वार्ताओं को समग्र रूप में, संतुलित और व्यापक बनाना।

प्रमुख तथ्य:

:वार्ताओं का दूसरा चरण ब्रसेल्स (Brussels)में सितंबर, 2022 में होना प्रस्तावित है।
:सप्ताह भर चली वार्ताएं हाइब्रिड फैशन के तहत हुईं,जिनमे कुछ दिल्ली में तो कुछ वर्चुअल रूप से जुड़े थे।
:इस चरण में 52 तकनीक सत्र हुए,जिनमें FTA के 18 नीतिगत क्षेत्रों को शामिल किया गया था और 7 सत्र निवेश सुरक्षा और जीआई पर हुए थे।
:वार्ताओं का शुभारम्भ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और यूरोपीय संघ के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री वाल्डिस डोम्ब्रोविस्किस ने पिछले महीने ब्रसेल्स में किया था।
:2021-22 में ईयू के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 43.5% की बढ़ोतरी के साथ 116.36 अरब डॉलर का रहा।
:वर्तमान में अमेरिका के बाद ईयू भारत का दूसरा बड़ा व्यापारिक भागीदार है और भारतीय निर्यात के लिए दूसरा बड़ा गंतव्य भी है।

यूरोपीय संघ क्या है:

:यूरोपीय संघ (EU- European Union) यूरोप में स्थित 27 देशों का एक राजनैतिक एवं आर्थिक मंच है जिनमें आपस में प्रशासकीय साझेदारी होती है जो संघ के कई या सभी राष्ट्रो पर लागू होती है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकल आर्थिक ब्लॉक के रूप में कार्य करता है।
:इसके गठन की शुरुआत वर्ष 1952 में 6 देशों (बेल्जियम, फ्राँस , जर्मनी, इटली, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड) द्वारा किया गया था।
:वर्ष 1952 में ही पेरिस संधि के तहत यूरोपीय न्यायालय की स्थापना भी की गई थी।
:इसका वास्तविक स्वरुप/गठन नीदरलैंड के मास्ट्रिच में आयोजित मास्ट्रिच संधि (Maastricht Treaty)-1992 के तहत यूरोपीय समुदाय के सदस्यों द्वारा 7 फरवरी,1992 को हस्ताक्षरित कर किया गया।


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