भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) सम्मेलन -2022 का आयोजन

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Bhartiya Pharmacopoeia Ayog Sammelan-2022
भारतीय फार्माकोपिया आयोग सम्मेलन- 2022
Photo:PIB

सन्दर्भ:

:केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण व रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 1जुलाई 2022 नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित आईपीसी (IPC- Indian Pharmacopoeia Commission) सम्मेलन- 2022 की अध्यक्षता की।

इस वर्ष का थीम/विषय है:

:”भविष्य के लिए चिकित्सा गुणवत्ता पर व्याख्यान”

प्रमुख तथ्य:

:इस सम्मेलन में इंडियन फार्माकोपिया (IP) के 9वें संस्करण का विमोचन किया गया।
:भारत के फार्माकोपिया को पूरे विश्व में स्वीकार और सराहना किए जाने की इच्छा व्यक्त की गई।
:भारत जेनेरिक दवा सूत्रीकरण व निर्माण में विशेषज्ञता और विश्व को सस्ती दवा की आपूर्ति करके “विश्व की फार्मेसी” बन गया हैं।
:अब तक चार देशों – अफगानिस्तान, घाना, नेपाल और मॉरीशस- ने आईपी को मानकों की पुस्तक के रूप में स्वीकार किया है।
:स्वास्थ्य और समृद्ध भारत विकसित करने, हमारे चिकित्सा उत्पादों- टीकों, दवाओं, उपकरणों आदि की मानक गुणवत्ता बनाए रखने और रोगियों पर इन दवाओं के प्रभाव पर नजर रखने के लिए फार्माकोपिया महत्वपूर्ण है।
:भारत जेनेरिक औषधि का विश्व में सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है और मात्रा के आधार पर जेनेरिक की आपूर्ति में 20% हिस्सेदारी है।
:भारत ने कोविड महामारी के दौरान 150 देशों को सुलभ और सस्ती टीकों की आपूर्ति की है।

क्या है इंडियन फार्माकोपिया:

:भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) इंडियन फार्माकोपिया (आईपी) को औषध और प्रसाधन सामग्री अधिनियम- 1940 की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रकाशित किया जाता है।
:आईपी भारत में उत्पादित और/या विपणन की जाने वाली औषधियों के लिए आधिकारिक मानकों को निर्धारित करता है,ताकि औषधियों की गुणवत्ता व विश्वसनीयता में योगदान दे सके।
:इसका उद्देश्य हमारे देश में दवाओं के निर्माण, निरीक्षण और वितरण के लाइसेंस में सहायता करना है।
:IP- 2022 में कुल 92 नए मोनोग्राफ/Monographs (किसी एक विषय पर लेख) शामिल हैं,इस प्रकार आईपी के मौजूदा संस्करण में कुल 3152 मोनोग्राफ हो गए हैं।


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