पुनीत सागर अभियान को मिला वैश्विक साझीदार

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पुनीत सागर अभियान
पुनीत सागर अभियान
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सन्दर्भ:

: ‘पुनीत सागर अभियान’ और ‘टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज प्रोग्राम’ के माध्यम से स्वच्छ जल निकायों के सार्वभौमिक लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयासों के समन्वय के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में NCC और UNEP ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

पुनीत सागर अभियान से जुड़े प्रमुख तथ्य:

: पुनीत सागर अभियान को सबसे अच्छी पहलों में से एक है जिसमे 15 लाख से अधिक NCC कैडेटों के पास दुनिया भर के युवाओं की सोच को प्रभावित करने की क्षमता है।
: राष्ट्रव्यापीपुनीत सागर अभियान‘ की शुरुआत एनसीसी ने 01 दिसंबर, 2021 को, स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता को प्रोत्साहन देते हुए, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से समुद्र तटों को साफ करने के लिए शुरू किया गया था।
: आरम्भ में इसे एक महीने के लिए बनाया गया था।
: इस अभियान को बाद में नदियों और अन्य जल निकायों को भी कवर करने के लिए वर्ष भर चलने वाले अखिल भारतीय अभियान के रूप में विस्तारित किया गया।
: इसकी शुरूआत के बाद अभियान ने जबरदस्त गति, स्वीकृति और भागीदारी प्राप्त की।
: इस अभियान के शुभारंभ के बाद से 12 लाख से अधिक एनसीसी कैडेटों, पूर्व छात्रों और स्वयंसेवकों द्वारा लगभग 1,900 स्थानों से 100 टन से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया है, जिससे 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।
: एकत्र किए गए लगभग 100 टन प्लास्टिक कचरे में से 60 टन से अधिक को पुनर्चक्रण के लिए सौंप दिया गया है।
: इस अभियान के बढ़ते सफलता और समर्थन के बाद अपने ‘टाइड टर्नर चैलेंज प्रोग्राम’ के माध्यम से इस पहल में लगे यूएनईपी ने युवा संगठन की ताकत का लाभ उठाने के उद्देश्य से NCC के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया।
: NCC और UNEP के बीच समझौता ज्ञापन का उद्देश्य स्वच्छ जल निकायों को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को शामिल करने की दिशा में प्रयास करना और तालमेल बिठाना है।

भारत के जलवायु परिवर्तन संकल्प:

: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 26वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, कॉप-26 के दौरान ‘पंचामृत‘ के रूप में बताया था।
: 31 अक्टूबर से 13 नवंबर, 2021 के बीच प्रधानमंत्री ने पांच अमृत तत्वों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत के अभूतपूर्व योगदान के रूप में पेश किया था।
: यह तत्व हैं –
1-2070 तक भारत नेट जीरो का लक्ष्य हासिल कर लेगा
2-2030 तक भारत अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता को 45% से अधिक कम कर देगा
3-भारत 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को 500 गीगा वॉट तक ले जाएगा
4-भारत 2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा
5-भारत अब से 2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में एक अरब टन की कमी करेगा


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