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BHARAT-NEPAL KE BEECH PAHALI BHARAT GAURAV PARYATAN TRAIN
पहली भारत-नेपाल भारत गौरव पर्यटन ट्रेन की शुरुआत

सन्दर्भ:

:पहली भारत-नेपाल भारत गौरव पर्यटन ट्रेन (Bharat Gaurav Tourist Train) को 21 जून, 2022 को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई गई।

प्रमुख तथ्य:

:ट्रेन में कुल 500 भारतीय पर्यटक सवार थे।
:यह 23 जून को नेपाल के जनकपुर धाम स्टेशन पर पहुंचेगी।
:इस पर्यटक ट्रेन द्वारा पहली बार भारत और नेपाल को जोड़ा जाएगा।
:प्रस्तावित 17 रात/18 दिन की तीर्थयात्रा स्वदेश दर्शन योजना के तहत चिन्हित रामायण सर्किट (Ramayan Circuit) पर चलेगी,जिसमे भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थानों को शामिल किया जाएगा।
:ट्रेन की पहली यात्रा अयोध्या,नंदीग्राम, वाराणसी, सीतामढ़ी, चित्रकूट, प्रयागराज, हम्पी, पंचवटी (नासिक), रामेश्वरम और भद्राचलम जैसे अन्य लोकप्रिय स्थलों के अलावा जनकपुर (नेपाल में) के धार्मिक गंतव्य को भी कवर करेगी।
:रेल मंत्रालय द्वारा परिकल्पित भारत गौरव ट्रेनें भारत की समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अपने लोगों को दिखाने का एक प्रयास है।
:यह अवधारणा देश भर में बड़े पैमाने पर पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
:यह लोगों को भारतीय संस्कृति का पता लगाने का अवसर भी प्रदान करेगा।
:भारत गौरव ट्रेनों के बाहरी डिब्बों को भारत गौरव (भारत का गौरव) के बहुरूपदर्शक के रूप में डिजाइन किया गया है।
:यह भारत के कई पहलुओं जैसे नृत्य, स्मारक, लोक कला और योग पर प्रकाश डालता है।
:इसमें 14 कोच हैं,कोचों का हाल ही में नवीनीकरण किया गया है,जिसमे सुविधाओं और सेवाओं को भी उन्नत किया गया है।
:भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की “देखो अपना देश” की पहल है।
:तीर्थयात्रा के लिए सर्व समावेशी पैकेज 62,370 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू होता है,आईआरसीटीसी विशेष प्रचार के रूप में शुरुआती 100 बुकिंग के लिए 10% की छूट भी प्रदान करता है।
:IRCTC ने ग्राहकों को ईएमआई (समान मासिक किस्त) भुगतान विकल्प प्रदान करने के लिए Paytm और RazorPay पेमेंट गेटवे के साथ भी करार किया है।

स्वदेश दर्शन योजना के बारे में:

:स्वदेश दर्शन योजना 2014-15 में पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
:इस योजना का उद्देश्य थीम आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करना और भारत की पर्यटन क्षमता का दोहन करना है।


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By gkvidya

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