नीति आयोग ने ई-सवारी इंडिया इलेक्ट्रिक बस गठबंधन लांच किया

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ई-सवारी इंडिया इलेक्ट्रिक बस गठबंधन

चर्चा में क्यों है-

कन्वर्जेन्स एनर्जी सर्विस लिमिटेड(CESL) और वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट के सहयोग से नीति आयोग ने e -Sawari India E-Bus Coalition(ई-सवारी इंडिया इलेक्ट्रिक बस गठबंधन) को लांच किया,इसे ट्रांस्फॉर्मटिवे अर्बन मोबिलिटी इनिशिएटिव(TUMI) का भी सहयोग प्राप्त है।

उद्देश्य क्या है इसका

:ई-सवारी इंडिया इलेक्ट्रिक बस गठबंधन के लांच सहित केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां,शहर स्तर की सरकार की एजेंसियां,मूल उपकरण निर्माता,ट्रांजिट सेवा प्रदाता,वित्तीय संस्थान और सहायक सेवा प्रदाता भी सक्षम होंगे।
इससे सेवाएं निर्बाध बनेंगी।

इसका महत्त्व क्या है

:विशेष रूप से बस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का विद्युतीकरण डिकार्बोनाईजेशन रणनीति की एक कुंजी है,इस प्रबंधन को देश में बस परिवहन प्रणाली के सतत एवं तीव्र विद्युतीकरण को सुनिश्चित करने के एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
:यह शुद्ध शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने हेतु आने वाली विभिन्न चुनौतियों का संधान करने में सहायता भी करेगा।
:इलेक्ट्रिक बसों की भारत में स्थिति-इस समय भारत में इसका तीव्रता से विकास हो रहा है,कई सरकारों एवं शहरों ने अपने यहाँ बस आधारित परिवहन प्रणाली का विद्युतीकरण करना आरम्भ कर दिया है। इसके इसके लिए सरकार ई वाहनों को तेजी से अपना रही तथा इसके लिए विनिर्माण को स्थापित कर रही है।
नीति आयोग –इसे योजना आयोग के स्थान पर 2015 में स्थापित किया गया था,जो देश के सर्वोच्च सार्वजनिक नीति थिंक टैंक और नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
यह राज्य सरकारों को शामिल करके आर्थिक विकास को बढ़ाने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट(WRI) इंडिया –इसकी स्थापना 2011 में मुंबई में की गयी,इसके CEO है -ओ पी अग्रवाल।
यह पर्यावरण,आर्थिक अवसर और मानव कल्याण के लिए नेताओं के साथ मिलकर काम करता है।


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