‘निर्देशक’ (यार्ड 3026) को लॉन्च किया गया

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NIRDESHAK’ (YARD 3026) LAUNCH
पोत ‘निर्देशक’ (यार्ड 3026) को लॉन्च किया गया
Photo:PIB

सन्दर्भ-भारतीय नौसेना के लिए L&T पोत निर्माण के सहयोग से GRSE द्वारा निर्माणाधीन चार सर्वेक्षण पोत (बृहद्/Large) (SVL-Survey Vessels Large) परियोजना में से दूसरे जहाज “निर्देशक/NIRDESHAK (यार्ड/YARD 3026)” को लॉन्च किया गया। ’ (YARD 3026)
प्रमुख तथ्य-26 मई, 2022 को चेन्नई के कट्टूपल्ली (Kattupalli) में लांच किया गया।
:नौसेना की समुद्री परंपरा का अनुपालन करते हुए अथर्ववेद का आह्वाहन जाप कर पोत को लॉन्च किया।
:इस पोत ने अपना नाम पूर्ववर्ती निर्देशक से लिया है,जो कि एक भारतीय नौसेना सर्वेक्षण पोत था और दिसंबर, 2014 में 32 साल की शानदार सेवा के बाद इसे हटा दिया गया था।
:एसवीएल के चार पोतों में से तीन का आंशिक निर्माण कट्टूपल्ली स्थित एलएंडटी में जीआरएसई और एलएंडटी पोत निर्माण के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण के तहत किया जा रहा है।
:सार्वजनिक-निजी भागीदारी का यह मॉडल भारत में युद्धपोत निर्माण के लिए भविष्य में सफल सहयोग का अगुआ होगा।
:इससे पहले 30 अक्टूबर, 2018 को रक्षा मंत्रालय और कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के बीच चार एसवीएल पोतों के निर्माण के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।
:प्रथम श्रेणी के जहाज ‘संध्याक (Sandhayak) को 5 दिसंबर, 2021 को कोलकाता के जीआरएसई में लॉन्च किया गया था।
:एसवीएल पोत, समुद्र संबंधी जानकारी एकत्र करने के लिए मौजूदा संध्याक श्रेणी के सर्वेक्षण जहाजों को नई पीढ़ी के हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से बदल देंगे।
:इस सर्वेक्षण पोत (बृहद्) की लगभग 3400 टन और 226 कर्मियों की क्षमता है।
:इस पोत को 14 समुद्री मील की क्रूज गति और 18 समुद्री मील (नॉट) की अधिकतम गति पर परिचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
:उथले पानी के सर्वेक्षण कार्यों के दौरान आवश्यक कम गति पर बेहतर कुशलता के लिए बो और स्टर्न थ्रस्टर्स को लगाया गया है।
:इन पोतों के पतवार स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित DMR 249-A इस्पात से बनाया गया है।
:जनवरी 2023 तक एसवीएल के पहले पोत संध्याक को सौंपने का लक्ष्य रखा है।
:दूसरे पोत यानी निर्देशक की डिलीवरी अप्रैल 2023 तक होने की संभावना है।

इन पोतों की प्राथमिक भूमिका:

:चार सर्वेक्षण मोटर नौकाओं और एक एकीकृत हेलीकॉप्टर को ले जाना।
:आपात स्थिति के दौरान पोतों को अस्पताल के रूप में उपयोग करना।
:पत्तनों व नौवहन चैनलों के पूर्ण पैमाने पर तटीय और गहरे जल के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना।
:रक्षा के साथ-साथ नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा एकत्र करना।


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