“देश के मेंटर (परामर्शदाता) कार्यक्रम” के लेकर छिड़ा विवाद

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DESH KE MENTOR
“देश के मेंटर (परामर्शदाता) कार्यक्रम” के लेकर छिड़ा विवाद

सन्दर्भ-हाल ही में दिल्ली सरकार के कार्यक्रम देश के मेंटर (परामर्शदाता) को लेकर विवाद छिड़ गया है।
कारण क्या है-दिल्ली सरकार के इस कार्यक्रम को “राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग” ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कमजोरियों को दूर करने तक स्थगित करने को कहा है।
:आयोग का कहना है कि बच्चे जिसको अपना मेंटर बनाएंगे उनसे शोषण होने का डर है क्योकि वह एक अंजान व्यक्ति होगा।
:सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है इसके लिए मेल मेंटर को मेल मेंटी और फीमेल मेंटर को फीमेल मेंटी ही दिए गए है।
:इसके लिए मेंटर का साइकोमेट्रिक टेस्ट भी लिया गया है,जो इसमें पास नहीं हुए है उन्हें मेंटी नहीं दिए गए है।

“देश के मेंटर कार्यक्रम” के बारे में-

:इस कार्यक्रम को दिल्ली सरकार द्वारा अक्टूबर 2021 में शुरू किया गया था,जिसका उद्देश्य था कक्षा 9-12 तक के बच्चों को स्वैक्षिक परामर्श दाताओं से जोड़ना।
:इसके तहत शिक्षित युवा(18-35 वर्ष के) वॉलन्टियर के रूप में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा निर्मित ऐप के माध्यम से मेंटर के लिए साइन अप करते है,और निर्दिष्ट छत्रों के लिए काम से काम दो महीने तक नियमित रूप से फोन कॉल के द्वारा सलाह देंगे।
:कार्यक्रम का महत्त्व ये है कि युवा मेंटर उच्च शिक्षा और कैरियर का चुनाव,उच्च शिक्षा में प्रवेश परीक्षा की तैयारी और इनके दबाव को निपटाने में छात्रों की मदद और मार्गदर्शन करेंगे।
:अब तक इस कार्यक्रम से 44 हजार युवा जुड़े है जो 1.76 लाख छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे है।


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