डिजियात्रा (DigiYatra Initiative) पहल की शुरुआत

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डिजियात्रा (DigiYatra Initiative) पहल की शुरुआत
डिजियात्रा (DigiYatra Initiative) पहल की शुरुआत

सन्दर्भ:

:केंद्र की DigiYatra Initiative के सॉफ्ट लॉन्च की घोषणा की गई है,15 अगस्त 2022 को जीएमआर द्वारा संचालित दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म के लिए अपने ऐप के बीटा संस्करण को रोल आउट करने के दौरान।

डिजियात्रा (DigiYatra Initiative) पहल के बारें में:

:डिजीयात्रा, चेहरे की पहचान तकनीक पर आधारित यात्री प्रसंस्करण प्रणाली है,इसे दिल्ली हवाई अड्डे पर शुरू की गई है और हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर आवश्यक बुनियादी ढाँचा स्थापित किया गया है।
:डिजीयात्रा में यात्रियों को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए चेहरे की विशेषताओं का उपयोग करते हुए कागज रहित और संपर्क रहित प्रसंस्करण के माध्यम से हवाई अड्डे पर विभिन्न चौकियों से गुजरने की परिकल्पना की गई है,जिसे बोर्डिंग पास से जोड़ा जाएगा।
:इस तकनीक के साथ, यात्रियों के प्रवेश को सभी चौकियों पर चेहरे की पहचान प्रणाली के आधार पर स्वचालित रूप से संसाधित किया जाएगा – जिसमें हवाई अड्डे में प्रवेश, सुरक्षा जांच क्षेत्र, विमान बोर्डिंग आदि शामिल हैं।
:इस सुविधा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को सबसे पहले डिजीयात्रा ऐप डाउनलोड करना होगा।
:उपयोगकर्ता आधार क्रेडेंशियल का उपयोग करके ऐप पर पंजीकरण कर सकते हैं,इसके बाद आधार कार्ड के साथ एक सेल्फी ले सकते हैं।
:फिर, व्यक्ति को अपने बोर्डिंग पास को क्यूआर कोड या बार कोड के साथ स्कैन करना होगा, जिसके बाद क्रेडेंशियल्स को हवाई अड्डे के साथ साझा किया जाएगा।
:हवाई अड्डे में प्रवेश के लिए यात्रियों को ई-गेट पर अपने बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और वहां लगे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम कैमरे को देखना होगा।
:अन्य चौकियों में प्रवेश के लिए भी यही तरीका लागू होगा।

कैसे लागू की जा रही है DigiYatra Initiative:

:पिछले महीने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक DigiYatra Initiative पर चर्चा हुई थी।
:यह परियोजना डिजीयात्रा फाउंडेशन द्वारा कार्यान्वित की जा रही है – एक संयुक्त उद्यम कंपनी जिसके शेयरधारक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (26% हिस्सेदारी) और बेंगलुरु हवाई अड्डे, दिल्ली हवाई अड्डे, हैदराबाद हवाई अड्डे, मुंबई हवाई अड्डे और कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।
:इन पांचों शेयरधारको के पास शेष 74% शेयर समान रूप से रहेगा।
:डिजियात्रा फाउंडेशन यात्री आईडी सत्यापन प्रक्रिया का संरक्षक होगा।


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