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काशी तमिल संगममकाशी तमिल संगमम
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सन्दर्भ:

: IIT मद्रास द्वारा 27 नवंबर, 2023 को पंजीकरण पोर्टल के लॉन्च के साथ ही काशी तमिल संगमम (Kashi Tamil Sangamam) के दूसरे चरण का मंच पूरी तरह तैयार हो गया है।

काशी तमिल संगमम से जुड़े प्रमुख तथ्य:

: यह दिवस 30 दिसंबर 2023 तक आयोजित पवित्र तमिल मार्गली महीने का पहला दिन है।
: शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम के लिए नोडल मंत्रालय होगा।
: काशी तमिल संगमम (KTS) के दूसरे चरण में यह प्रस्तावित है कि तमिलनाडु और पुडुचेरी के लगभग 1400 लोग यात्रा में लगने वाले समय सहित 8 दिनों के एक गहन दौरे हेतु ट्रेन से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा करेंगे
: इन्हे लगभग 200-200 व्यक्तिओं के 7 समूहों में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक समूह का नाम एक पवित्र नदी (गंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, नर्मदा, गोदावरी और कावेरी) के नाम पर रखा जाएगा।
: KTS 2.0 जागरूकता सृजन और पहुंच, लोगों में परस्पर जुड़ाव और सांस्कृतिक तन्मयता पर जोर देने वाला एक स्पष्ट प्रारूप होगा।
: पहले चरण से मिली सीख का लाभ उठाने और अनुसंधान हेतु उनकी प्रतिष्ठा को देखते हुए, IIT मद्रास तमिलनाडु और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करेगा।
: प्रतिनिधि यात्रा कार्यक्रम में 2 दिन जाने की यात्रा-2 दिन वापसी यात्रा बनारस की और 1-1 दिन की प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा शामिल होगी।
: तमिलनाडु और काशी की कला और संस्कृति, हथकरघा, हस्तशिल्प, व्यंजन और अन्य विशेष उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले स्टॉल लगाए जाएंगे।
: IIT मद्रास द्वारा 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक कार्यशालाओं, सेमिनारों, बैठकों और अन्य आउटरीच अभियान कार्यक्रमों के साथ तमिलनाडु के चिन्हित संस्थानों के तालमेल से समर्पित जागरूकता सृजन और आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
: ज्ञात हो कि काशी तमिल संगमम का पहला संस्करण पूरे सरकारी दृष्टिकोण के साथ 16 नवंबर से 16 दिसंबर 2022 तक आयोजित किया गया था।
: तमिलनाडु के 2500 से अधिक लोगों ने जीवन के 12 अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 8 दिवसीय दौरे पर वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा की थी।
: इस यात्रा के दौरान उन्हें वाराणसी और उसके आसपास जीवन के विभिन्न पहलुओं का गहन अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला था।
: पहले संस्करण की तरह, यह कार्यक्रम जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के परस्पर जुड़ाव में सहायता प्रदान करके प्राचीन भारत के शिक्षा और संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्रों – वाराणसी और तमिलनाडु के बीच जीवंत संबंधों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव करता है।


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By gkvidya

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