Mon. Dec 5th, 2022
शेयर करें

पीएफआई
पीएफआई
Photo@Twitter

सन्दर्भ:

: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 राज्यों में पीएफआई कार्यकर्ताओं पर छापा मारा और उनमें से कई को छापेमारी के बाद उनकी कथित आतंक-संबंधी गतिविधियों के लिए पकड़ा गया।

क्या है पीएफआई:

: PFI अर्थात Popular Front of India
: अधिकारीयों ने इस छापा को “अब तक का सबसे बड़ा” प्रयोग बताया।
: संगठन ने इस “असंतोषपूर्ण आवाजों को शांत करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल करने के लिए फासीवादी शासन के कदम” का विरोध किया।
: पीएफआई खुद को भारत में सभी हाशिए के वर्गों को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण के साथ एक “नव-सामाजिक आंदोलन” कहता है।
: 2006 में इसका निर्माण तीन मुस्लिम हित समूहों के विलय का परिणाम था – केरल स्थित नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ), कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी (केएफडी) और तमिलनाडु स्थित मनिथा नीथी पासराय (एमएनपी)।
: जबकि केरल में इसका प्रभाव सबसे ज्यादे है, पीएफआई ने पूरे देश में अपने आधार का विस्तार किया है और अब लगभग 23 राज्यों में इसकी उपस्थिति है।
: PFI का उदय स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध के बाद हुआ था।
: पीएफआई के पास अब विभिन्न सहयोगी संगठन हैं जिनमें इसकी राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई), छात्र विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, नेशनल वीमेन फ्रंट, एक एनजीओ रिहैब इंडिया फाउंडेशन और एम्पावर इंडिया फाउंडेशन नामक एक थिंक टैंक शामिल है।
: 2009 में इसका विस्तार तब हुआ जब सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) नाम का एक राजनीतिक संगठन मुसलमानों, दलितों और अन्य हाशिए के राजनीतिक मुद्दों को उठाने के उद्देश्य से विकसित हुआ।


शेयर करें

By gkvidya

Leave a Reply

Your email address will not be published.