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आदित्य L1 का प्रक्षेपणआदित्य L1 का प्रक्षेपण Photo@ISRO
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सन्दर्भ:

: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के भरोसेमंद ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV- XL) ने आज श्रीहरिकोटा रेंज से भारत के पहले सौर मिशन आदित्य L1 का प्रक्षेपण किया।

आदित्य L1 के प्रक्षेपण के बारें में:

: PSLV- C57 द्वारा आदित्य L1 से प्रक्षेपित किया गया।
: भारत की पहली सौर वेधशाला ने सूर्य-पृथ्वी (लैग्रेंज बिंदु) एल1 के गंतव्य के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है।
: अपने सौर पैनलों को तैनात करने के साथ, आदित्य-एल1 ने बिजली पैदा करना शुरू कर दिया है।
: आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करने वाला पहला अंतरिक्ष आधारित भारतीय मिशन है।
: अगले चार महीनों में विभिन्न कक्षा उत्थान प्रक्रियाओं और क्रूज चरण के माध्यम से, अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज बिंदु 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्‍थापित किया जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है।
: एल1 बिंदु के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में एक उपग्रह को स्थापित करने का एक बड़ा फायदा यह है कि वह बिना किसी प्रच्छादन/ग्रहण के लगातार सूर्य को देखता रहता है।
: इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर इसके प्रभाव को देखने का एक बड़ा लाभ प्रदान करेगा।
: अंतरिक्ष यान में विद्युत चुम्बकीय और कण तथा चुंबकीय क्षेत्र डिटेक्टरों का उपयोग करके फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर और सूर्य की सबसे बाहरी परतों (कोरोना) का निरीक्षण करने के लिए सात पेलोड हैं।
: विशेष सुविधाजनक बिंदु एल1 का उपयोग करते हुए, चार पेलोड सीधे सूर्य को देखते हैं और शेष तीन पेलोड लैग्रेंज बिंदु एल1 पर कणों और क्षेत्रों का सीटू अध्ययन करते हैं


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By gkvidya

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